मिडिल ईस्ट संकट के बीच सरकार सतर्क, बड़े बंदरगाहों के लिए जारी हुआ नया SOP

मिडिल ईस्ट संकट के बीच सरकार सतर्क, बड़े बंदरगाहों के लिए जारी हुआ नया SOP

मिडिल ईस्ट में चल रही जियोपॉलिटिकल गड़बड़ी को देखते हुए पोर्ट, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय ने देश के सभी बड़े बंदरगाहों के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किया है. नई व्यवस्था के तहत सभी बंदरगाहों के चेयरपर्सन को निर्देश दिया गया है कि वे समय-समय पर स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा करें.

बंदरगाहों के लिए जारी हुआ नया SOPबंदरगाहों के लिए जारी हुआ नया SOP
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Mar 07, 2026,
  • Updated Mar 07, 2026, 9:44 AM IST

ईरान के इजराइल और अमेरिका से चल रहे युद्ध और मिडिल ईस्ट में चल रही जियोपॉलिटिकल गड़बड़ी को देखते हुए पोर्ट, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय ने देश के सभी बड़े बंदरगाहों के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किया है. इसका उद्देश्य मिडिल ईस्ट जाने वाले कार्गो और जहाज़ों पर पड़ने वाले संभावित असर को कम करना और बंदरगाहों पर संचालन को सुचारु बनाए रखना है. मंत्रालय ने इस SOP को जारी करने से पहले शिपिंग लाइंस, एक्सपोर्टर्स, टर्मिनल ऑपरेटर्स, कस्टम्स और अन्य संबंधित स्टेकहोल्डर्स के साथ विस्तृत चर्चा की है.

नई व्यवस्था के तहत सभी बंदरगाहों के चेयरपर्सन को निर्देश दिया गया है कि वे समय-समय पर स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा करें और सामने आ रही समस्याओं का समाधान करें.

हर बंदरगाह पर नियुक्त होंगे नोडल अधिकारी

SOP के अनुसार हर बड़े बंदरगाह पर HOD या डिप्टी HOD स्तर का एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो सिंगल प्वाइंट ऑफ कॉन्टैक्ट (SPOC) होगा. इस अधिकारी का नाम, पद, संपर्क नंबर और ईमेल पोर्ट की वेबसाइट पर जारी किया जाएगा और वह 24 घंटे उपलब्ध रहेगा. नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी होगी कि किसी भी समस्या को संबंधित प्राधिकरण के सामने उठाकर 24 घंटे के भीतर निर्णय या कार्रवाई सुनिश्चित करे, जिन मामलों में कस्टम्स या अन्य एजेंसियों की जरूरत होगी, उन्हें 72 घंटे के भीतर पूरा किया जाएगा.

कार्गो और जहाजों के लिए विशेष व्यवस्था

मंत्रालय ने बंदरगाहों को जरूरत के अनुसार कई कदम उठाने की अनुमति दी है, जैसे-

  • मिडिल ईस्ट जाने वाले सामान को कुछ समय के लिए ट्रांसशिपमेंट कार्गो के रूप में बंदरगाह पर स्टोर करने की अनुमति दी जाएगी.
  • संकट के समय सामान रखने के लिए अतिरिक्त स्टोरेज यानी जगह उपलब्ध कराई जाएगी.
  • ट्रांसशिपमेंट कार्गो को लोड-अनलोड करने के लिए जहाज़ों को जल्दी और आसानी से बर्थिंग की अनुमति दी जाएगी.
  • कस्टम्स के साथ मिलकर निर्यात के सामान को जरूरत पड़ने पर जल्दी “बैक टू टाउन” भेजने की व्यवस्था की जाएगी.
  • जल्दी खराब होने वाले सामान को प्राथमिकता देकर संभाला जाएगा ताकि नुकसान न हो.
  • मिडिल ईस्ट से वापस आने वाले निर्यात सामान को भी प्राथमिकता दी जाएगी.
  • जरूरत पड़ने पर जहाज़ों के लिए अतिरिक्त बंकरिंग (ईंधन भरने) की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.

चार्ज में राहत भी दे सकते हैं बंदरगाह

बंदरगाह जरूरत के अनुसार रीफर प्लगिंग चार्ज, स्टोरेज रेंट और वेसल चार्ज जैसे शुल्कों में छूट या राहत देने पर भी विचार कर सकते हैं. मंत्रालय ने यह भी कहा है कि यह SOP जारी होने की तारीख से लागू रहेगा और हालात के आधार पर इसकी समय-समय पर समीक्षा की जाएगी. सभी बंदरगाहों को निर्देश दिया गया है कि वे रोजाना की कार्रवाई रिपोर्ट मंत्रालय को भेजें, ताकि मिडिल ईस्ट संकट के असर पर लगातार नजर रखी जा सके.

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