
भारत की प्रमुख ट्रैक्टर निर्यातक कंपनी सोनालीका ट्रैक्टर्स (Sonalika Tractors) ने वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक का अपना सबसे मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है. कंपनी ने अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच कुल 1,51,604 ट्रैक्टरों की बिक्री कर इतिहास रच दिया है. यह अब तक की सबसे तेज साल-दर-साल बिक्री मानी जा रही है, जिसने सोनालिका के 30वें स्थापना वर्ष की शुरुआत को बेहद खास बना दिया है. भारी क्षमता वाले और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तकनीक से लैस ट्रैक्टरों की मजबूत मांग के दम पर सोनालिका ने अलग-अलग कृषि क्षेत्रों में अपनी पकड़ और मजबूत की है.
ग्रामीण ढांचे में बढ़ते निवेश और खेती में बढ़ती मशीनरी के उपयोग ने लंबे समय की मांग को सहारा दिया है, जिसका सीधा लाभ कंपनी को मिला है. इसी कड़ी में सोनालिका ने अपने ब्रांड विजन ‘जीतने का दाम’-‘Jeetne Ka Dum’ को देशव्यापी ब्रांड स्ट्रेंथनिंग अभियान के जरिए और मजबूती दी है. महज 30 वर्षों में सोनालिका एक छोटे शहर की कंपनी से निकलकर भारत की प्रमुख ट्रैक्टर निर्यातक ब्रांड बन चुकी है.
घरेलू बाजार में यह तीसरी सबसे बड़ी ट्रैक्टर कंपनी है, जबकि वैश्विक स्तर पर पांचवें स्थान पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुकी है. किसानों के बीच इसके हेवी ड्यूटी ट्रैक्टरों को लंबे समय के भरोसेमंद एसेट के रूप में देखा जाता है. फ्रुगल इंजीनियरिंग, बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग और किसान-केन्द्रित सोच कंपनी की मजबूती की नींव मानी जाती है.
कंपनी का मानना है कि जीएसटी सुधारों से बाजार में स्थिरता और पारदर्शिता आई है, जिससे किसानों का भरोसा बढ़ा है और यंत्रीकरण को गति मिली है. दुनिया की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड ट्रैक्टर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के साथ सोनालिका भविष्य की जरूरतों के अनुरूप समाधान देने के लिए पूरी तरह तैयार है.
इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर (इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स लिमिटेड) रमन मित्तल ने कहा कि 10 महीनों में 1.51 लाख ट्रैक्टरों की बिक्री कंपनी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है और यह किसानों के भरोसे का प्रमाण है. उन्होंने कहा कि रबी की बुवाई बेहतर रहने से अच्छी फसल की उम्मीद है, जिससे किसानों को ईंधन दक्ष, आरामदायक और शक्तिशाली ट्रैक्टरों का लाभ मिल रहा है.
उन्होंने यह भी कहा कि हालिया बजट में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों को मिला समर्थन और जीएसटी सुधार लंबे समय में उत्पादकता बढ़ाने और यंत्रीकरण को तेज करने में मदद करेंगे. सोनालिका आने वाले समय में भी किसानों को भरोसेमंद और भविष्य के लिए तैयार तकनीक उपलब्ध कराने के अपने संकल्प पर कायम रहेगी.
1996 में स्थापित सोनालिका ट्रैक्टर्स आज 150 से अधिक देशों में अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुकी है. पंजाब के होशियारपुर से शुरू हुई यह यात्रा आज भारतीय कृषि यंत्रीकरण की वैश्विक पहचान बन चुकी है. 2026 में अपने 30 साल पूरे कर रही सोनालिका किसानों को सशक्त बनाने और ग्रामीण समृद्धि को आगे बढ़ाने के लक्ष्य के साथ नए मुकाम तय करने की तैयारी में है.