
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के 12 साल पूरे होने के मौके पर किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं और कृषि क्षेत्र में किए गए प्रयासों को सामने रखा. उन्होंने कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा, पोषण और समृद्धि की मजबूत नींव किसान हैं और उनकी आय और खेती को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम-किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसी पहल किसानों को आर्थिक सहारा देने के साथ कृषि क्षेत्र को मजबूती देने का काम कर रही हैं. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों की जिंदगी को आसान बनाना और खेती को अधिक सुरक्षित बनाना है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम-कुसुम योजना के जरिए किसानों को खेती के लिए सौर ऊर्जा तक पहुंच मिली है, जिससे लागत कम करने में मदद हो रही है. उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड का भी जिक्र करते हुए कहा कि यह किसानों, पशुपालकों और मछुआरों को कम ब्याज दर पर जरूरी जरूरतों के लिए ऋण उपलब्ध कराने में मददगार साबित हो रहा है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की ‘सीड टू मार्केट’ पहल का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर और उचित मूल्य दिलाना है. उन्होंने कहा कि कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है.
प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ड्रोन, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और प्राकृतिक उर्वरकों से जुड़ी पहलें किसानों को उत्पादन बढ़ाने में मदद कर रही हैं और खेती को नई दिशा दे रही हैं.
पीएम-किसान एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसे पूरी तरह केंद्र सरकार फंड करती है और यह 1 दिसंबर 2018 से लागू है. इसके तहत पात्र भू-स्वामी किसान परिवारों को सालाना 6 हजार रुपये की सहायता तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है. योजना में परिवार की परिभाषा पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों के रूप में तय की गई है और पात्र लाभार्थियों की पहचान राज्य सरकारें तथा केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन करते हैं.
प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब एक दिन पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं ने लगातार कार्यकाल के आधार पर 4399 दिन पूरे करने पर उन्हें बधाई दी थी. इस दौरान सरकार की ओर से विकास, कल्याण और प्रशासनिक सुधारों से जुड़ी उपलब्धियों का भी उल्लेख किया गया.