
उत्तर प्रदेश में रबी सीजन के बीच खाद की उपलब्धता और सप्लाई व्यवस्था को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शुक्रवार को विधानसभा स्थित समिति कक्ष में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर हालात का बारीकी से जायजा लिया. बैठक में सहकारिता मंत्री सहित कृषि, सहकारिता और उर्वरक आपूर्ति से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. समीक्षा के दौरान कृषि मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश में उर्वरकों की कमी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होगी. जिन उर्वरक कंपनियों ने जनवरी 2026 के लिए तय प्रोराटा लक्ष्य के अनुसार पूरी आपूर्ति नहीं की है, उनके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए.
मंत्री ने कहा कि किसानों के हित से समझौता करने वाली कंपनियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में फिर से लापरवाही न हो. सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि रबी सीजन 2025-26 के लिए उर्वरकों की उपलब्धता पूरी तरह संतोषजनक है. प्रदेश को प्रतिदिन औसतन 12 से 13 यूरिया रैक प्राप्त हो रही हैं, जिससे आपूर्ति श्रृंखला मजबूत बनी हुई है.
आंकड़ों के अनुसार, एक अक्टूबर 2025 से अब तक करीब 1.02 करोड़ किसानों ने पीओएस मशीनों के माध्यम से 50.93 लाख मीट्रिक टन उर्वरक प्राप्त किया है, जिससे वितरण में पारदर्शिता और निगरानी दोनों सुनिश्चित हुई हैं. वर्तमान स्थिति की बात करें तो प्रदेश में 7.23 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 4.35 लाख मीट्रिक टन डीएपी और 3.69 लाख मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है.
सहकारिता क्षेत्र के गोदामों में 2.07 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 1.79 लाख मीट्रिक टन डीएपी का भंडार मौजूद है. वहीं, निजी बिक्री केंद्रों पर भी 5.16 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 2.56 लाख मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है, जिससे किसानों को वैकल्पिक स्रोतों से भी उर्वरक मिल पा रहा है.
खपत के आंकड़े भी बताते हैं कि स्थिति नियंत्रण में है. वर्तमान में किसान प्रतिदिन औसतन 33,800 मीट्रिक टन यूरिया और 2,528 मीट्रिक टन डीएपी की खरीद कर रहे हैं, जिसके मुकाबले आपूर्ति लगातार बनी हुई है.
मंडलवार समीक्षा में बरेली, मुरादाबाद, वाराणसी और गोरखपुर जैसे क्षेत्रों में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सामने आई. बरेली मंडल में 66 हजार मीट्रिक टन से अधिक यूरिया और कानपुर मंडल में 42 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा डीएपी का स्टॉक दर्ज किया गया.
बैठक में कृषि मंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रदेश के सभी जनपदों में किसानों की मांग के अनुरूप खाद उपलब्ध कराई जाएगी और वितरण व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए सतत निगरानी जारी रहेगी. किसानों को किसी तरह की असुविधा न हो, यही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.