
अनियमित मौसम से इलायची की फसल को होने वाले बुरे असर से परेशान किसानों को राहत मिलने वाली है. दरअसल, एग्रोकेमिकल कंपनी यारा फर्टिलाइजर इंडिया (Yara Fertilisers India) 3 न्यूट्रीशन प्रोडक्ट लाई है जो इलायची की फसल को विपरीत परिस्थितियों में भी मजबूत बनाए रखने और ग्रोथ करने में मददगार होंगे. कंपनी ने कहा है कि किसानों की मदद के लिए केरल में कार्यक्रम भी शुरू किया गया है.
उर्वरक और कीटनाशक समेत खेती में इस्तेमाल होने वाले कई प्रोडक्ट बनाने वाली दिग्गज कंपनी यारा इंडिया ने केरल में इलायची किसानों को अनियमित मौसम से निपटने के लिए कार्यक्रम तैयार किया है. इसके तहत इलायची किसानों को अनियमित मौसम और बदलती जलवायु परिस्थितियों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए फसल में 3 प्रोडक्ट का इस्तेमाल किया जाएगा, जो उत्पादन घटने नहीं देंगे और फसल को विपरीत परिस्थिति में भी ग्रोथ करने में मदद करेंगे.
भारत के इलायची उत्पादन में केरल का योगदान 78 फीसदी है. लेकिन, राज्य के किसानों को हाल ही में 122 दिनों के सूखे की भयंकर चुनौती का सामना करना पड़ा और उसके बाद मूसलाधार बारिश और विनाशकारी हवाओं ने इलायची के पौधों की ग्रोथ रोक दी. पौधों से फूलों के झड़ने में तेजी आने से फसल की क्वालिटी पर बुरा असर पड़ा है. रिपोर्ट में कंपनी की ओर से कहा गया है कि यारा इंडिया ने केरल में इलायची किसानों को चुनौतीपूर्ण जलवायु परिस्थितियों से निपटने में मदद करने के लिए अनुकूलित फसल पोषण कार्यक्रम (Customised Crop Nutrition Programme) की शुरुआत कर दी है.
यारा इंडिया के 'संतुलित पोषण के साथ इलायची में जलवायु का सामना करना' कार्यक्रम ने इन अस्थिर परिस्थितियों के चलते इलायची फसल में होने वाली कठिनाइयों को दूर करने के लिए अपने कस्टमाइज न्यूट्रीशन सॉल्यूशन याराविटा जिंट्रैक, याराविटा बोरट्रैक और याराविटा स्टॉपिट को पेश किया है. कंपनी की ओर से कहा गया है कि यह कस्टमाइज न्यूट्रीशन प्रोडक्ट मिट्टी के पोषक तत्वों को फिर से भरते हैं और सूखे के तनाव से बढ़े हुए कीटों के संक्रमण को रोकते हैं.
मीडिया स्टेटमेंट कंपनी की ओर से कहा गया कि इस कस्टमाइज न्यूट्रीशन प्रोडक्ट इस्तेमाल कार्यक्रम के नतीजे में स्वस्थ इलायची की फसलें हासिल करने में मदद मिली है. उपज स्थिर हुई और क्वालिटी बरकरार रहने से मार्केट प्राइस में सुधार हुआ है. कहा गया कि किसानों ने पौधों की जड़ों में मजबूती आने, कम फूल गिरने और फफूंद बीमारियों को रोकने में मदद मिली है. इससे इलायची किसानों को सूखे और भारी वर्षा के बाद भी फसल में सुधार देखने को मिला है.
यारा इंडिया ने केरल के इडुक्की में इलायची किसानों को नई कृषि तकनीकों और टिकाऊ खेती के तरीकों को अपनाने में मदद की है. इसके चलते उत्पादन और फसल की क्वालिटी में सुधार देखा गया है. कहा गया कि यारा इंडिया के प्रोडक्ट इस्तेमाल करने वाले किसानों ने जून में अन्य किसानों की तुलना में 12 से 17 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की तुलना में 25 से 35 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की उपज हासिल की है. इसके अलावा सितंबर में यारा इंडिया प्रोडक्ट इस्तेमाल वाले खेतों से 75 से 175 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर से अधिक पैदावार दर्ज की गई है, वहीं अन्य खेतों में उपज 60 से 100 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर रही.