अब घर बैठे डाक से मंगवा सकते हैं परवल के उन्नत बीज, इतनी देनी होगी कीमत

अब घर बैठे डाक से मंगवा सकते हैं परवल के उन्नत बीज, इतनी देनी होगी कीमत

पूर्णिया के एक किसान ने अपनी नर्सरी में 9 उन्नत किस्मों के परवल को उगाया है. यह किसान देश के अलग-अलग हिस्सों में मांग के हिसाब से इसके बीज (जो लता यानी कटिंग के रूप में होता है) भेज रहा है. अहम बात ये है कि इन उन्नत वैरायटी के परवल और उसके कटिंग को तैयार करने में बिहार कृषि विश्वविद्यालय का बड़ा रोल है.

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • Dec 16, 2024,
  • Updated Dec 16, 2024, 7:19 PM IST

परवल की खेती अब खेत की ही मोहताज नहीं. आप इसे घर के आंगन या बड़े गमले में भी उगा सकते हैं. सबसे खास बात ये कि इसका बीज (कटिंग) लेने के लिए आपको बाजार में या दुकान पर भाग के जाने की जरूरत नहीं होगी बल्कि घर बैठे इसे मंगवा सकते हैं, वह भी डाक से. बिहार में यह नई सुविधा शुरू हुई है. दरअसल, परवल को बिहार की पसंदीदा सब्जी कहते हैं. यह भी माना जाता है कि यहीं से परवल निकल कर देश के अलग-अलग हिस्से में गया है. तो अगर आप इसके उन्नत बीज को घर बैठे मंगवाना चाहते हैं तो पोस्ट ऑफिस से यह काम आसानी से हो जाएगा.

पूर्णिया के एक किसान ने अपनी नर्सरी में 9 उन्नत किस्मों के परवल को उगाया है. यह किसान देश के अलग-अलग हिस्सों में मांग के हिसाब से इसके बीज (जो लता यानी कटिंग के रूप में होता है) भेज रहा है. अहम बात ये है कि इन उन्नत वैरायटी के परवल और उसके कटिंग को तैयार करने में बिहार कृषि विश्वविद्यालय का बड़ा रोल है.

कृषि विभाग की मदद 

कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक राजभवन वर्मा ने रिसर्च के बाद परवल की 9 नई किस्में तैयार की हैं. ये सभी किस्में पूर्णिया के किसान मायानंद विश्वास की नर्सरी में लगाई गई हैं. इन सभी परवल की कटिंग को देशभर में सप्लाई करने में पूर्वी जोन के पोस्ट मास्टर जनरल मनोज कुमार का बड़ा रोल है. पहले परवल की कटिंग को भेजने के लिए कूरियर का सहारा लिया जाता था जो कि महंगा काम था.

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अब डाक विभाग यह काम किसानों के लिए सस्ते में कर रहा है. जो लोग परवल की कटिंग की मांग करते हैं, उन्हें डाक के जरिये उन्नत किस्म की कटिंग भेजी जाती है. पूर्णिया के किसान मायानंद विश्वास ने कहा कि उनकी नर्सरी में राजेंद्र 1, राजेंद्र 2, स्वर्ण अलौकिक, स्वर्ण रेखा, बंगाल ज्योति, बंगाल ज्योति 2, डंडारी और दुधयारी समेत 9 वैरायटी के परवल उगाए हैं. इन सभी किस्मों का रंग और स्वाद अलग-अलग है. ऑर्डर मिलने पर भारत के किसी कोने में डाक से इसकी कटिंग भेजी जाती है. 40 पौधे के पैकेट के लिए 2500 रुपये देने होते हैं.

डाक विभाग की पहल

किसान ने बताया कि लोगों की डिमांड पर पूर्णिया से दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा सहित दक्षिण भारत के राज्यों में भी परवल के पौधे (कटिंग या बीज) भेजे जा रहे हैं. इन किस्मों की खास बात ये है कि इसके पौधे जल्द लगते हैं और फल जल्द मिलते हैं. इस काम में डाक विभाग का अहम रोल है क्योंकि उसके अधिकारी किसान मायानंद विश्वास को बता चुके हैं कि परवल के पौधे की पैकेजिंग कैसे करें ताकि अधिक दिनों तक वह सुरक्षित और ताजा रहे.  डाक विभाग की कोशिश है कि बिहार की इन 9 उन्नत वैरायटी की कटिंग देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचे.

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