
बरसात का मौसम पेड़-पौधे लगाने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. इस दौरान मिट्टी में पर्याप्त नमी होने से पौधों की जड़ें तेजी से विकसित होती हैं और सिंचाई की जरूरत भी कम पड़ती है. अगर आप इस मॉनसून में ऐसा पौधा लगाना चाहते हैं, जो कम लागत में कई वर्षों तक अच्छी कमाई दे, तो सहजन यानी मोरिंगा आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है. इसकी खेती बंजर जमीन पर भी आसानी से की जा सकती है और बाजार में इसकी बढ़ती मांग किसानों के लिए इसे मुनाफे का सौदा बना रही है. आइए जानते हैं इसे कैसे खरीद सकते हैं और इसकी खेती से कैसे अच्छी कमाई की जा सकती है.
शहरों में सहजन की बढ़ती हुई डिमांड को देखते हुए राष्ट्रीय बीज निगम NSC किसानों की सुविधा के लिए ऑनलाइन सहजन की बीज बेच रहा है. इस बीज को आप ओएनडीसी के ऑनलाइन स्टोर से खरीद सकते हैं. साथ ही यहां किसानों को अन्य प्रकार की फसलों के बीज और पौधे भी आसानी से मिल जाएंगे. किसान इसे ऑनलाइन ऑर्डर करके अपने घर पर डिलीवरी करवा सकते हैं.
सहजन की PKM-1 किस्म एक उन्नत और अधिक उत्पादन देने वाली वैरायटी है. यह किस्म फलियों और पत्तियों, दोनों के लिए उपयुक्त मानी जाती है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह कम देखभाल में भी अच्छी बढ़वार करती है और रोगों के प्रति सहनशील होती है. इसे खेत के अलावा गमलों, टेरेस गार्डन और किचन गार्डन में भी आसानी से उगाया जा सकता है. यह पौधा रोपाई के लगभग 8 से 10 महीने बाद ही पहली फसल देना शुरू कर देता है, जिससे किसानों और बागवानी करने वालों को जल्दी आय मिलने लगती है.
अगर आप भी सहजन की PKM-1 किस्म कि बागवानी करना चाहते हैं तो इस किस्म के बीज का 25 ग्राम का पैकेट में उपलब्ध है. इसका पैकेट फिलहाल 30 फीसदी छूट के साथ 70 रुपये में राष्ट्रीय बीज निगम की वेबसाइट पर मिल जाएगा. इसे खरीद कर आप आसानी से सहजन यानी मोरिंगा की खेती कर सकते हैं.
सहजन के पौधे की रोपाई गड्ढा बनाकर किया जाता है. खेती से पहले खेत को अच्छी तरह खरपतवार मुक्त करने के बाद 2.5 x 2.5 मीटर की दूरी पर 45 x 45 x 45 सेंमी. आकार का गड्ढा बनाएं. गड्ढे के उपरी मिट्टी के साथ 10 किलो सड़ा हुआ गोबर का खाद मिलाकर गड्ढे को भर दें. इससे खेत पौध के रोपनी के लिए तैयार हो जाता है. सहजन को बीज और पौधे दोनों प्रकार से उगाया जा सकता है.