
महाराष्ट्र राज्य बीज निगम यानी महाबीज ने खरीफ 2026 सीजन की तैयारी तेज कर दी है. किसानों की सबसे ज्यादा मांग को देखते हुए इस बार करीब 2 लाख क्विंटल सोयाबीन बीज बाजार में उपलब्ध कराया गया है. महाबीज का कहना है कि इस बार बीज की गुणवत्ता और समय पर उपलब्धता पर खास ध्यान दिया जा रहा है, ताकि किसानों को बेहतर उत्पादन मिल सके.
इस साल खरीफ सीजन के लिए महाबीज ने कुल 2 लाख 65 हजार 972 क्विंटल बीज उपलब्ध कराने की योजना बनाई है. हालांकि पिछले साल के मुकाबले इस बार बीज उत्पादन में कमी दर्ज की गई है. खासतौर पर सोयाबीन बीज का उत्पादन करीब 56 हजार क्विंटल कम हुआ है.
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोयाबीन की मांग बढ़ने की संभावना है. ऐसे में इस बार किसान अधिक क्षेत्र में सोयाबीन की खेती कर सकते हैं, जिससे बीज की मांग और बढ़ सकती है.
| फसल | बीज वितरण (क्विंटल) |
| सोयाबीन | 1.98 लाख |
| तूर (अरहर) | 5,870 |
| मूंग | 797 |
| उड़द | 5,230 |
| ज्वार | 435 |
| बाजरा | 120 |
| वर्ष | बीज आपूर्ति |
| 2021 | 1.53 लाख क्विंटल |
| 2022 | 44 हजार क्विंटल |
| 2023 | 1.57 लाख क्विंटल |
| 2024 | 1.65 लाख क्विंटल |
| 2025 | 2.54 लाख क्विंटल |
| 2026 | 1.98 लाख क्विंटल |
हर साल किसानों की तरफ से सोयाबीन बीज की अंकुरण क्षमता यानी जर्मिनेशन को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं. कई किसानों का कहना रहता है कि बीज सही तरीके से नहीं उगते, जिससे उत्पादन प्रभावित होता है.
इस बार महाबीज ने इस समस्या को गंभीरता से लिया है. निगम ने बीज की गुणवत्ता जांच और परीक्षण की प्रक्रिया को और मजबूत किया है. महाबीज के मुख्य प्रबंध निदेशक डॉ. दिलीप स्वामी ने बताया कि इस साल किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त सावधानियां बरती जा रही हैं.
उन्होंने कहा कि अगर किसानों को समय पर और अच्छी गुणवत्ता का बीज मिलेगा, तो उत्पादन बढ़ेगा और किसानों का भरोसा भी मजबूत होगा.
महाबीज के सामने इस बार सबसे बड़ी चुनौती किसानों का विश्वास बनाए रखना है. यदि बीज की गुणवत्ता बेहतर रही और समय पर आपूर्ति हुई, तो खरीफ सीजन किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. अब खरीफ 2026 की सफलता काफी हद तक अच्छी गुणवत्ता वाले बीज और उनकी उपलब्धता पर निर्भर करेगी.
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