
महाराष्ट्र के जालना शहर में कृषि विभाग ने खाद की कालाबाजारी और अवैध भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. कृषि विभाग की फ्लाइंग स्क्वॉड टीम ने नवीन मोंढा इलाके में एक गोदाम पर छापा मारकर करीब 18 लाख रुपये से ज्यादा कीमत का खाद जब्त किया. इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है. जानकारी के मुताबिक, कृषि विभाग को सूचना मिली थी कि किसानों के लिए सब्सिडी पर मिलने वाले खाद का अवैध तरीके से स्टॉक जमा किया जा रहा है. साथ ही बाजार में कृत्रिम कमी पैदा कर खाद को ज्यादा कीमत पर बेचने की तैयारी की जा रही थी. इसी सूचना के आधार पर तालुका कृषि अधिकारी और खाद निरीक्षक रवी किशन राठौड़ के नेतृत्व में जिला फ्लाइंग स्क्वॉड ने कार्रवाई की.
टीम ने नवीन मोंढा स्थित एपीएमसी मार्केट के गाला नंबर एस.टी.-26 पर छापा मारा. उस समय एक ट्रक से खाद की बोरियां उतारी जा रही थीं. अधिकारियों ने जब मे. जयभारत एग्रो ट्रेडर्स के संचालक आकाश प्रमोदसिंह बैस से पूछताछ की, तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके. इसके बाद टीम ने पूरे गोदाम की तलाशी ली.
जांच के दौरान गोदाम से डीएपी, नीम कोटेड यूरिया, जैविक खाद, पोटाश और अन्य उर्वरकों समेत कुल 12 प्रकार के खाद का भारी मात्रा में स्टॉक मिला. कृषि विभाग ने कुल 1,762 खाद की बोरियां जब्त की हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 18 लाख 7 हजार 185 रुपये बताई जा रही है.अधिकारियों ने मौके से 13 खाद के नमूने भी जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि खाद की गुणवत्ता सही है या नहीं इसके अलावा पूरे गोदाम को सील कर दिया गया है.
इस मामले में कृषि विभाग की शिकायत पर आकाश प्रमोदसिंह बैस और अनिल बालाप्रसाद मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. दोनों पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985, आवश्यक वस्तु अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है. फिलहाल चंदनज़िरा पुलिस थाना पूरे मामले की जांच कर रही है. कृषि विभाग का कहना है कि किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. (गौरव विजय साली की रिपोर्ट)