सरकार का दावा: पिछले साल से 26% ज्यादा उर्वरक स्टॉक, रबी-खरीफ के लिए पूरी तैयारी

सरकार का दावा: पिछले साल से 26% ज्यादा उर्वरक स्टॉक, रबी-खरीफ के लिए पूरी तैयारी

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बताया कि अप्रैल महीने के लिए देश में 163 लाख मीट्रिक टन उर्वरक स्टॉक उपलब्ध है, जो पिछले साल के मुकाबले 26% ज्यादा है. सरकार उर्वरक सब्सिडी पर अतिरिक्त 19 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है और नए प्लांट्स के जरिए घरेलू यूरिया उत्पादन क्षमता भी बढ़ाई जा रही है.

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क‍िसान तक
  • New Delhi ,
  • Mar 13, 2026,
  • Updated Mar 13, 2026, 7:43 PM IST

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में कहा कि अप्रैल महीने के लिए देश में 163 लाख मीट्रिक उर्वरक टन का स्टॉक उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष उर्वरक स्टॉक 128.54 लाख मीट्रिक टन था. ऐसे में इस वर्ष का स्टॉक पिछली बार की तुलना में 26 प्रतिशत अधिक है. ये भारत सरकार की दूरदर्शी सोच का ही नतीजा है. अनुपूरक मांगों के जरिए उर्वरक विभाग को जो अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया जा रहा है उसका उपयोग आने वाले रबी सीजन की तैयारियों के लिए किया जाएगा.

उन्होंने अपने जवाब में कहा कि खरीफ की फसल के लिए सरकार के पास पर्याप्त उर्वरक स्टॉक उपलब्ध है. उर्वरक विभाग दिसंबर-जनवरी-फरवरी के दौरान पड़ने वाले रबी सीजन के लिए अभी से पर्याप्त इंतजाम कर सके इसके लिए सरकार अभी से प्रावधान कर रही है. उन्होंने कहा कि अनुपूरक मांगों के जरिए उर्वरक सब्सिडी के लिए सरकार बजट इस्टीमेट से लगभग 19 हजार करोड़ ज्यादा खर्च कर रही है.

घरेलू यूरिया उत्पादन को बढ़ावा

लोकसभा में बोलते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आयात के साथ-साथ देश के भीतर भी यूरिया का उत्पादन किया जाता है. सरकार यूरिया उत्पादन क्षमता बढ़ा रही है और घरेलू निर्माण में वृद्धि कर रही है. घरेलू यूरिया उत्पादन 2014-15 में 225 लाख मीट्रिक टन था जो 2024-25 में बढ़कर 306.67 लाख मीट्रिक टन हो चुका है. घरेलू यूरिया उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई निवेश नीति के तहत 6 उर्वरक उत्पादन इकाइयों की शुरुआत कर चुके हैं.

इनमें से एक इकाई की औसत क्षमता प्रतिवर्ष 12.7 लाख मीट्रिक टन है. सामूहिक रूप से इन इकाइयों ने देश के यूरिया उत्पादन क्षमता में 76.2 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि की है. इसके अतिरिक्त 2015 में आई नई यूरिया नीति के तहत ओडिशा और असम में दो नए प्लांट पर वर्तमान में काम चल रहा है. एक बार चालू हो जाने पर यह प्लांट देश की उर्वरक उत्पादन क्षमता में प्रतिवर्ष 25.4 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि करेंगे.

पुराने प्लांट्स की क्षमता बढ़ी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट सत्र 2025-26 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों के दूसरे बैच पर चर्चा और मतदान के दौरान ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि सरकार न केवल जरूरत पड़ने पर यूरिया का आयात कर रही है बल्कि नए प्लांट्स की स्थापना करके घरेलू उत्पादन बढ़ा रही है. साथ ही पुराने प्लांट्स की क्षमता को भी बढ़ाया जा रहा है.

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