Fertilizer Issue: गैस संकट के बीच भारत ने चीन से मांगी यूरिया सप्लाई में राहत, खरीफ सीजन को लेकर तैयारी तेज

Fertilizer Issue: गैस संकट के बीच भारत ने चीन से मांगी यूरिया सप्लाई में राहत, खरीफ सीजन को लेकर तैयारी तेज

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और गैस सप्लाई में आई बाधा का असर अब उर्वरक सेक्टर पर दिखने लगा है. ब्‍लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने चीन से यूरिया निर्यात में राहत देने का अनुरोध किया है. अगर गैस संकट लंबा चला तो खरीफ सीजन से पहले खाद सप्लाई को लेकर नई चुनौती खड़ी हो सकती है.

India Asks China For UreaIndia Asks China For Urea
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Mar 13, 2026,
  • Updated Mar 13, 2026, 1:51 PM IST

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उर्वरक आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है. बिजनेसलाइन ने ब्लूमबर्ग के हवाले से एक रिपोर्ट में कहा है कि भारत ने चीन से कुछ यूरिया कार्गो की बिक्री की अनुमति देने पर विचार करने का अनुरोध किया है. गैस सप्लाई बाधित होने से देश में खाद उत्पादन प्रभावित होने का खतरा बढ़ रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के अधिकारियों ने चीनी समकक्षों से यूरिया निर्यात पर लगी पाबंदियों में आंशिक ढील देने पर विचार करने को कहा है. 

गैस की कमी से खाद उत्‍पादन प्रभावित

दरअसल, फारस की खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष बढ़ने से एलएनजी यानी ल‍िक्विफाइड नेचुरल गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है. यही गैस यूरिया उत्पादन के लिए प्रमुख कच्चा माल है, इसलिए गैस की कमी के चलते भारत में कुछ उर्वरक संयंत्रों को उत्पादन घटाना पड़ा है.

पश्चिम एशिया में बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने वैश्विक व्यापार पर भी दबाव बढ़ा दिया है. ऊर्जा और खाद्य आपूर्ति को लेकर जोखिम बढ़ने से कई देश जरूरी कमोडिटी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक स्रोत तलाश रहे हैं. इसी क्रम में भारत भी संभावित कमी से बचने के लिए अतिरिक्त आयात विकल्प देख रहा है.

यूरिया निर्यात को कोटे से कंट्रोल करता है चीन

फिलहाल चीन यूरिया निर्यात को कोटा प्रणाली के तहत नियंत्रित करता है. पिछले साल कुछ सीमित निर्यात की अनुमति दी गई थी, जिसमें भारत को भी सप्लाई मिली थी. हालांकि, 2026 के लिए अभी तक निर्यात कोटा जारी नहीं किया गया है. चीन दुनिया का सबसे बड़ा यूरिया उत्पादक है और वहां वसंत बुवाई के कारण खाद की मांग भी तेजी से बढ़ रही है.

हालांकि, भारत में फिलहाल उर्वरक की तत्काल कमी नहीं है, लेकिन देश दुनिया का सबसे बड़ा यूरिया आयातक है. अगर गैस आपूर्ति में व्यवधान लंबा चलता है तो जून में मॉनसून के साथ शुरू होने वाले खरीफ सीजन से पहले अतिरिक्त आयात की जरूरत पड़ सकती है.

तीन महीने में भारत को मिलेगा 17 लाख टन

संभावित कमी को देखते हुए भारत चीन के अलावा रूस, इंडोनेशिया, मलेशिया और मिस्र जैसे देशों से भी यूरिया खरीद सकता है. उर्वरक मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में भारत अब तक करीब 98 लाख टन यूरिया आयात कर चुका है, जबकि लगभग 17 लाख टन की खेप अगले तीन महीनों में आने वाली है. वहीं, सरकार जल्द नया आयात टेंडर भी जारी कर सकती है.

उधर कतर, जो भारत को एलएनजी का प्रमुख सप्लायर है, उसने हाल ही में कुछ गैस शिपमेंट घटा दिए हैं. गैस आवंटन में उर्वरक उद्योग को दूसरी प्राथमिकता मिलती है, इसलिए कंपनियों को अभी उनकी जरूरत की लगभग 70 प्रतिशत गैस ही मिल रही है. इसी वजह से कुछ कंपनियों ने उत्पादन में कटौती भी शुरू कर दी है.

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