बारां जिले में यूरिया खाद की भारी किल्लत, महिलाएं और किसान पूरे दिन लाइन में परेशान

बारां जिले में यूरिया खाद की भारी किल्लत, महिलाएं और किसान पूरे दिन लाइन में परेशान

बारां जिले में यूरिया खाद की भारी कमी के कारण किसान और महिलाएं सुबह से शाम तक लंबी लाइनों में लगकर परेशान हो रहे हैं. सरकारी दावों के बावजूद, खरीद-बिक्री वाली कोऑपरेटिव सोसाइटियों में खाद काफी मात्रा में उपलब्ध नहीं है. महिलाएं घर के काम छोड़कर घंटों लाइनों में खड़ी रहती हैं, जबकि किसानों का आरोप है कि सप्लाई में रुकावट और ब्लैक मार्केटिंग से समस्या और बढ़ रही है.

बारां जिले में यूरिया खाद की भारी किल्लतबारां जिले में यूरिया खाद की भारी किल्लत
क‍िसान तक
  • Baran,
  • Nov 30, 2025,
  • Updated Nov 30, 2025, 12:36 PM IST

बारां जिले में यूरिया खाद की कमी ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है. खेती के लिए आवश्यक खाद न मिलने के कारण किसान और महिलाएं घंटों लाइनों में खड़े होने को मजबूर हैं. सरकार और प्रशासन के दावों के बावजूद जमीनी हालात बेहद खराब बने हुए हैं. बारां जिले की कई क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के बाहर सुबह 6 बजे से ही किसानों की लंबी लाइनें लगने लगती हैं. किसानों का कहना है कि सुबह जल्दी पहुंचने के बाद भी, दोपहर या शाम तक उनकी बारी नहीं आती है.

पूरा दिन इंतजार करने के बाद भी केवल दो से तीन कट्टा खाद ही मिल पाता है. इससे किसानों को काफी समय और मेहनत बर्बाद करनी पड़ रही है.

घरेलू काम छोड़कर लाइन में खड़ी

यूरिया की किल्लत का सबसे ज्यादा असर महिलाओं पर दिखाई दे रहा है. घरेलू कामकाज संभालने वाली महिलाएं सुबह-सुबह आधार कार्ड और जमीन की नकल लेकर समितियों के बाहर लाइन में लग जाती हैं. वे घंटों भूखी-प्यासी खड़ी रहती हैं और अपनी बारी का इंतजार करती रहती हैं. खाद लेने के लिए उन्हें पूरा दिन घर से बाहर रहना पड़ रहा है, जिससे उनके दैनिक कामकाज पर भी असर पड़ रहा है.

पुलिस की कमी से बढ़ी समस्या

कई समितियों के बाहर पुलिसकर्मियों की अनुपस्थिति की वजह से लाइनें टूट जाती हैं और अव्यवस्था फैल जाती है.
कुछ जगहों पर धक्का-मुक्की की स्थिति भी देखने को मिलती है. किसानों का आरोप है कि प्रशासन लाइन व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है.

सरकार के दावे जमीन पर फेल?

राजस्थान सरकार और जिला प्रशासन का कहना है कि बारां जिले में 2800 मेट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया गया है और नए खाद के रैक भी लगातार आ रहे हैं. लेकिन हकीकत यह है कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद मिल ही नहीं रही है. किसानों की भीड़ रोज बढ़ रही है और कतारें छोटी होने का नाम नहीं ले रही हैं.

सप्लाई में गड़बड़ी और कालाबाजारी

किसानों ने सहकारी समितियों और डीलरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
उनका कहना है कि:

  • सहकारी समितियां कुछ डीलरों को आसानी से खाद उपलब्ध करवा देती हैं
  • बाद में वही डीलर खाद को अटैचमेंट के नाम पर ऊंचे दामों पर बेचते हैं
  • इससे कालाबाजारी बढ़ रही है और असली किसान खाद के लिए परेशान हो रहे हैं
  • इन आरोपों ने किसानों में आक्रोश और निराशा दोनों को बढ़ा दिया है.

किसानों की पीड़ा: भूखे-प्यासे लाइन में पूरा दिन

किसानों ने बताया कि वे सुबह घर से निकलते हैं और बिना खाना-पानी के दिनभर लाइन में बैठे रहते हैं.
दिनभर की मशक्कत के बाद उन्हें केवल दो-तीन कट्टा खाद मिल पाता है.
यह स्थिति किसानों के लिए बेहद अपमानजनक और दुखद बन चुकी है.

किसानों को तुरंत राहत देने की जरूरत

बारां जिले में यूरिया खाद की भारी कमी ने किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है.
यदि प्रशासन और सरकार तुरंत कार्रवाई नहीं करती है, तो:

  • फसलों को नुकसान होगा
  • किसानों की आर्थिक स्थिति और खराब हो सकती है
  • महिलाओं पर अतिरिक्त बोझ बढ़ता रहेगा

खाद वितरण को पारदर्शी बनाने और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के लिए सख्त और प्रभावी कदम उठाने की अत्यंत आवश्यकता है.

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