
हरियाणा सरकार ने आगामी रबी सीजन को लेकर कृषि विभाग को तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं. कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों से किसानों को समय पर क्वालिटी वाले गेहूं बीज, खाद और पराली प्रबंधन से जुड़ी मशीनरी उपलब्ध कराने को कहा है. चंडीगढ़ में गुरुवार को कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में श्याम सिंह राणा ने बीज और उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा की. बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के निदेशक राज नारायण कौशिक समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
अधिकारियों ने बताया कि राज्य में करीब 40.64 लाख क्विंटल कच्चा गेहूं बीज उपलब्ध है. रबी सीजन में गेहूं की बुवाई के लिए राज्य को लगभग 17 से 18 लाख क्विंटल बीज की जरूरत होगी. फिलहाल बीज की प्रोसेसिंग और प्रमाणीकरण की प्रक्रिया चल रही है और सितंबर तक यह किसानों के लिए तैयार हो जाएगा.
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को चना और मसूर जैसी दलहनी फसलों के लिए भी पर्याप्त मात्रा में क्वालिटी वाले बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि बेहतर गुणवत्ता वाले बीज से किसानों को फसल की अच्छी पैदावार और बाजार में बेहतर आमदनी हासिल करने में मदद मिल सकती है.
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य में फिलहाल 2,34,712 मीट्रिक टन यूरिया, 55,081 मीट्रिक टन डीएपी, 35,049 मीट्रिक टन एनपीके और 59,610 मीट्रिक टन एसएसपी का स्टॉक उपलब्ध है.
श्याम सिंह राणा ने रबी सीजन के दौरान किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए यूरिया, डीएपी और एनपीके का पर्याप्त भंडार बनाए रखने को कहा. उन्होंने खाद की आपूर्ति में किसी तरह की परेशानी नहीं आने देने के लिए पहले से जरूरी व्यवस्था करने के निर्देश दिए.
कृषि मंत्री ने कहा कि उर्वरक वितरण को 'मेरी फसल मेरा ब्यौरा' पोर्टल से जोड़ने का फायदा किसानों को मिला है. इससे खाद की उपलब्धता और वितरण की निगरानी बेहतर हुई है और राज्य में उर्वरक की कमी की स्थिति नहीं बनी है.
बैठक में फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत किसानों को सब्सिडी पर दी गई कृषि मशीनरी की भौतिक सत्यापन प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई. श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को सत्यापन का काम जल्द पूरा करने और पात्र किसानों के बैंक खातों में सब्सिडी की राशि शीघ्र ट्रांसफर करने के निर्देश दिए.
कृषि मंत्री ने अधिकारियों से फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत किसानों को उपलब्ध कराई जा रही मशीनरी की समीक्षा भी की. उन्होंने पराली जलाने के खिलाफ किसानों के बीच जागरूकता अभियान तेज करने को कहा. श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आगामी रबी सीजन में किसानों को बीज, उर्वरक और फसल अवशेष प्रबंधन के लिए जरूरी मशीनरी समय पर उपलब्ध हो. उन्होंने कहा कि बुवाई और फसल की देखभाल के दौरान किसानों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए.