Tips: फरवरी महीने में जायद फसलों में क्या करें किसान, पढ़ें A टू Z डिटेल्स

Tips: फरवरी महीने में जायद फसलों में क्या करें किसान, पढ़ें A टू Z डिटेल्स

खेती-किसानी में इस महीने किसानों को क्या करना चाहिए इस बात का भी ध्यान रखना काफी जरूरी होता है. ऐसे में बिहार कृषि विभाग की ओर से इस महीने किन फसलों में क्या करना है उसकी जानकारी दी गई है. आइए जानते हैं कि किसान फरवरी में क्या करें.

फरवरी महीने में करने वाले कृषि के कामफरवरी महीने में करने वाले कृषि के काम
संदीप कुमार
  • Noida,
  • Feb 15, 2026,
  • Updated Feb 15, 2026, 1:14 PM IST

फरवरी का महीना खेती-बाड़ी में काफी अहम माना जाता है. इस महीने में किसानों को अपनी खेतों में कई सारे काम होते हैं. गेहूं की सिंचाई से लेकर जायद फसलों की खेती. इसके अलावा कई राज्यों में इस महीने में अंत तक किसान अपने खेतों में गरमा धान की बुवाई की भी तैयारी करने लगते हैं. वहीं. इस महीने किसानों को क्या करना चाहिए इस बात का भी ध्यान रखना काफी जरूरी होता है. ऐसे में बिहार कृषि विभाग की ओर से इस महीने किन फसलों में क्या करना है, उसकी जानकारी दी गई है. आइए जानते हैं कि किसान फरवरी में क्या करें.

किसान फरवरी में करें ये काम

  • फरवरी महीने में किसान शकरकंद की रोपाई करें और बसंत कालीन अरबी की बुवाई करें.
  • इस महीने गरमा सब्जी और चारा की बुवाई शुरू कर दें.
  • आलू के अगात प्रभेद की खुदाई करें. इसके अलावा आलू खुदाई के 15 दिन पहले सिंचाई बंद कर दें.
  • पीली सरसों में अगर फली लगना शुरू हो गयी हो तो सिंचाई करें. तिलहन में लाही का नियंत्रण करें.
  • गरमा मूंग को थीरम या कैप्टान 2.5 ग्राम या ट्राइकोडर्मा 5 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से उपचारित कर बुआई करें.
  • इस महीने कई फसलों में लगने वाले कीट फली छेदक का नियंत्रण बताए गए जानकारी के अनुसार करें.
  • फरवरी महीने में किसान गरमा मूंग के उन्नत किस्मों की बुवाई करें.
  • मक्का को थीरम 75% या कैप्टॉन 50% डब्लू० पी० 2.5 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचारित कर बुआई करें.
  • साथ ही साथ फसल की निगरानी निरन्तर करते रहें और फसलों को खर-पात से मुक्त रखें.
  • फरवरी महीने में किसान बोरो धान की रोपनी करें.
  • गरमा धान की नर्सरी के लिए खेत की तैयारी शुरू कर दें.  

किसान इन बातों का रखें ध्यान

1. सब्जी फसलों में झुलसा रोग: आलू, टमाटर में झुलसा रोग से बचाव के लिए संतुलित सिंचाई और अनुशंसित फफूंद नाशक का प्रयोग करें.

2. फरवरी में सब्जी किसानों के लिए खास सलाह: इस महीने टमाटर, बैंगन, मिर्च में कीट नियंत्रण जरूरी होता है, इसलिए
संतुलित उर्वरक का प्रयोग करें और ड्रिप/स्प्रिंकलर से पानी की बचत करें.

3. फरवरी में गेहूं की सही देखभाल: फरवरी महीने में गेहूं बालियां निकलने की अवस्था में होता है. ऐसे में हल्की सिंचाई करें. इसके अलावा रोग-कीट पर नियमित निगरानी रखें.

4. सरसों में माहू से बचाव जरूरी: फरवरी में सरसों पर माहू (Aphid) का प्रकोप बढ़ जाता है. इससे बचाव के लिए पीले स्टिकी ट्रैप लगाएं. इसके अलावा नीम आधारित कीटनाशक का छिड़काव करें और सुबह-शाम खेत का निरीक्षण करें.

5. दलहनी फसलों में रोग प्रबंधन: चना और मसूर में उकठा और झुलसा रोग की संभावना रहती है. ऐसे में फसलों को जलजमाव से बचाएं और अनुशंसित फफूंद नाशक का प्रयोग करें. 

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