
भारत में बागवानी और खास फसलों की खेती तेजी से बढ़ रही है. अंगूर, फल, गन्ना और कतार वाली फसलों की खेती में किसानों को ऐसे ट्रैक्टर की जरूरत होती है, जो कम जगह में आसानी से चल सके, पौधों को नुकसान न पहुंचाए और कम खर्च में ज्यादा काम कर सके. इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए महिंद्रा ट्रैक्टर्स ने अपनी OJA ट्रैक्टर रेंज के तीन साल पूरे होने की जानकारी दी है.
कंपनी के अनुसार, OJA को खास तौर पर आधुनिक खेती और बागवानी की जरूरतों के लिए तैयार किया गया है. यह ट्रैक्टर रेंज 21 से 30 हॉर्सपावर की श्रेणी में आती है और इसमें 4WD यानी चारों पहियों से चलने वाली तकनीक को स्टैंडर्ड रूप से शामिल किया गया है.
बागवानी की खेती सामान्य खेती से थोड़ी अलग होती है. फलों के पेड़ और पौधे एक निश्चित दूरी पर लगाए जाते हैं और उनके बीच काफी कम जगह होती है. ऐसे में बड़े और भारी ट्रैक्टर चलाना कई बार मुश्किल हो जाता है. ट्रैक्टर से पौधों को नुकसान पहुंचने का भी खतरा रहता है.
महिंद्रा OJA को इसी समस्या को ध्यान में रखकर कॉम्पैक्ट यानी छोटे आकार और हल्के डिजाइन में तैयार किया गया है. इसका इस्तेमाल अंगूर के बाग, फलदार बगीचे, गन्ने और कतार वाली फसलों में किया जा सकता है. इसकी डिजाइन किसानों को कम जगह में भी आसानी से ट्रैक्टर चलाने में मदद करती है.
कंपनी का कहना है कि OJA का इस्तेमाल खेती के अलग-अलग कामों में किया जा सकता है और यह कई तरह के कृषि उपकरणों के साथ काम करने के लिए तैयार किया गया है.
OJA रेंज की सबसे खास बातों में से एक इसका 4WD सिस्टम है. इसका मतलब है कि ट्रैक्टर के चारों पहियों को ताकत मिलती है. इससे खेत में ट्रैक्टर की पकड़ बेहतर होती है और अलग-अलग तरह की जमीन पर काम करना आसान हो सकता है.
बागवानी वाले क्षेत्रों में जमीन कई बार ऊबड़-खाबड़ होती है. कुछ जगहों पर मिट्टी ज्यादा गीली या ढीली भी हो सकती है. ऐसी परिस्थितियों में बेहतर ट्रैक्शन और स्थिरता किसान के लिए काफी उपयोगी होती है.
4WD के साथ OJA को इस तरह तैयार किया गया है कि किसान अलग-अलग कृषि उपकरणों का इस्तेमाल भी आसानी से कर सकें. कंपनी के अनुसार, इससे खेती के काम को ज्यादा कुशल तरीके से पूरा करने में मदद मिल सकती है.
महिंद्रा OJA रेंज में 21 से 30 HP तक के ट्रैक्टर शामिल हैं. कंपनी के मुताबिक, किसानों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस श्रेणी में कई मॉडल उपलब्ध हैं. कंपनी का कहना है कि OJA में हर 3 से 4 HP के अंतर पर विकल्प दिए गए हैं. इसका मतलब है कि किसान अपनी फसल, खेत का आकार और खेती के काम के अनुसार अपने लिए उपयुक्त ट्रैक्टर चुन सकते हैं. खास तौर पर छोटे और मध्यम आकार के बागों में कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर किसानों के लिए ज्यादा उपयोगी हो सकते हैं.
OJA ट्रैक्टर रेंज में तीन सिलेंडर वाला इंजन दिया गया है. कंपनी के अनुसार, यह इंजन अच्छी ताकत और ईंधन दक्षता देने के लिए डिजाइन किया गया है. खेती के दौरान ट्रैक्टर का लगातार इस्तेमाल होता है, इसलिए ईंधन की खपत किसानों की कुल लागत पर सीधा असर डालती है. कंपनी का दावा है कि OJA रेंज को इस तरह तैयार किया गया है कि किसान अलग-अलग कृषि कार्यों को भरोसे के साथ कर सकें. इसके साथ ही कम रखरखाव और कम ऑपरेटिंग खर्च पर भी ध्यान दिया गया है.
OJA ट्रैक्टर में खेती के काम को आसान बनाने के लिए कई आधुनिक तकनीकें दी गई हैं. इसमें Electronic Power Take-off यानी ePTO और Electronic Draft and Depth Control यानी EDDC जैसी सुविधाएं शामिल हैं. इसके अलावा Forward-Reverse और Shuttle मोड दिए गए हैं. Creeper मोड की मदद से बहुत कम गति पर किए जाने वाले विशेष कृषि कार्यों को संभालना आसान हो सकता है. इन तकनीकों का इस्तेमाल किसान को ट्रैक्टर और उसके साथ जुड़े उपकरणों को ज्यादा आसानी और सटीकता से इस्तेमाल करने में मदद करना है.
खेती के मौसम में किसान और चालक को कई घंटों तक ट्रैक्टर चलाना पड़ता है. ऐसे में आरामदायक डिजाइन बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है. OJA में टिल्ट और टेलीस्कोपिक स्टीयरिंग दी गई है. इसके अलावा साइड-शिफ्ट कंट्रोल और एर्गोनॉमिक डिजाइन का इस्तेमाल किया गया है. कंपनी का कहना है कि इन सुविधाओं से लंबे समय तक काम करने के दौरान चालक की थकान कम करने में मदद मिल सकती है.
महिंद्रा ने OJA को डिजिटल तकनीक से भी जोड़ा है. MYOJA टेक पैक के जरिए ट्रैक्टर में टेलीमैटिक्स की सुविधा दी जाती है. वहीं ROBOJA टेक पैक के तहत कुछ ऑटोमेशन फीचर्स उपलब्ध हैं. इनमें Auto PTO, Auto Implement Lift और Auto One-Side Braking जैसी सुविधाएं शामिल हैं. इनका उद्देश्य ट्रैक्टर के संचालन को आसान और ज्यादा कुशल बनाना है.
OJA प्लेटफॉर्म को भारत के साथ-साथ वैश्विक बाजार को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है. इसे महिंद्रा रिसर्च वैली, भारत और Mitsubishi Mahindra Agricultural Machinery, Japan की इंजीनियरिंग टीमों ने मिलकर तैयार किया है. कंपनी के मुताबिक, OJA प्लेटफॉर्म 40 से ज्यादा ट्रैक्टर मॉडल को सपोर्ट करता है. इनका इस्तेमाल खेती के साथ कुछ गैर-कृषि कार्यों में भी किया जा सकता है.
आज खेती में सिर्फ उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है. किसान के लिए यह भी जरूरी है कि फसल की लागत कम हो और कम समय में ज्यादा काम पूरा हो. OJA को इसी जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. कॉम्पैक्ट डिजाइन के कारण किसान कम जगह में काम कर सकते हैं. 4WD से अलग-अलग जमीन पर बेहतर पकड़ मिलती है और कई तरह के कृषि उपकरणों के साथ काम करने की सुविधा मिलती है. इससे किसानों को एक ही ट्रैक्टर से अलग-अलग काम करने में मदद मिल सकती है.
महिंद्रा ने OJA ट्रैक्टर रेंज के साथ छह साल की वारंटी दी है. कंपनी के अनुसार, यह उद्योग में दी जाने वाली लंबी वारंटी में से एक है. इससे किसानों को ट्रैक्टर खरीदने के बाद लंबे समय तक सुरक्षा और भरोसा मिल सकता है.
भारत में फल, सब्जियों, अंगूर और दूसरी विशेष फसलों की खेती का दायरा बढ़ रहा है. इन फसलों में पौधों के बीच कम जगह होने के कारण छोटे और आसानी से नियंत्रित होने वाले ट्रैक्टरों की मांग भी बढ़ रही है.
ऐसे में महिंद्रा OJA जैसी कॉम्पैक्ट 4WD ट्रैक्टर रेंज किसानों के लिए उपयोगी हो सकती है. खासकर अंगूर के बाग, फलदार बगीचे, गन्ना और कतार वाली फसलों में इसका इस्तेमाल खेती के काम को आसान बनाने में मदद कर सकता है. कुल मिलाकर, महिंद्रा OJA को आधुनिक बागवानी और विशेष खेती की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. 4WD, कॉम्पैक्ट डिजाइन, आधुनिक तकनीक, बेहतर नियंत्रण और छह साल की वारंटी जैसी सुविधाएं इसे खास बनाती हैं. खेती में मशीनों का इस्तेमाल बढ़ने के साथ OJA जैसे हल्के और तकनीक से लैस ट्रैक्टर किसानों को कम जगह में ज्यादा कुशलता से काम करने में मदद कर सकते हैं.
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