
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) ने मधुमक्खी पालन के बेहतर प्रबंधन के लिए एक खास तरह का उपकरण ‘बी हाइव स्ट्रिप हैंगर कम स्पेसर’ तैयार किया है. इस उपकरण को भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले पेटेंट, डिजाइन एवं ट्रेडमार्क महानियंत्रक कार्यालय की ओर से पेटेंट दिया गया है. विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव राज कांबोज ने इस उपलब्धि के लिए एचएयू के पूर्व वैज्ञानिक प्रो. ओ.पी. चौधरी को बधाई दी है.
‘बी हाइव स्ट्रिप हैंगर कम स्पेसर’ मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपकरण है, जो मधुमक्खी कॉलोनी के बेहतर प्रबंधन में मददगार है. इसके उपयोग से मधुमक्खियों के सबसे घातक दुशमन वरोआ माइट की प्रभावी रोकथाम के साथ-साथ भारतीय शहद में घातक रसायनों के अवशेषों से निजात पाने में बड़ी सहायता मिलेगी. यह मधुमक्खियों के काम करने की क्षमता में वृद्धि होने के साथ-साथ शहद उत्पादन और परागण क्षमता में भी सुधार होगा. यह उपकरण मधुमक्खी छतों में स्ट्रिप्स के सही प्रयोग और इन्हें मोम के छत्तों से सही दूरी पर रखने में सहायक है, जिससे मधुमक्खियों के प्राकृतिक व्यवहार में बाधा नहीं आती.
यह उपकरण फूड ग्रेड प्लास्टिक से बना है, जिसे तीन मिलीमीटर गोलाकार ठोस ट्यूब में ढाला गया है. इसमें टॉप बार को मजबूती से पकड़ने के लिए दो मुड़े हुए साइड स्पोर्ट होते हैं. दो टॉप स्पोर्ट मधुमक्खी फ्रेम के टॉप बार पर टिके होते हैं और बीच में 15 मिलीमीटर चौड़ाई और गहराई वाला वी-बेंड वरोआ माइट की रोकथाम में इस्तेमाल होने वाली रासायनिक स्ट्रिप (पट्टी) को दो फ्रेमों के बीच लटकाने के लिए सही हेंगिंग प्लेटफार्म देता है.
मेडिकेटेड स्ट्रिप को वी बेंड में डालने के बाद, बी हाइव स्ट्रिप हैंगर-कम-स्पेसर को दो फ्रेमों के टॉप बार पर रखा जाता है. इस प्रकार दो फ्रेम के बीच 15 मिलीमीटर की समान दूरी बनी रहती है. यह खास दूरी मेडिकेटेड स्ट्रिप को मोम के छत्तों के संपर्क में आए बिना दो फ्रेमों के बीच बिल्कुल सही प्रकार से लटकने देती है. यह बढ़ी हुई जगह मधुमक्खियों को मेडिकेटेड स्ट्रिप तक स्वतंत्र पहुंच मुहैया करती है जिससे पूरी मधुमक्खी कॉलोनी में माइटनाशी या दवाई का कीटनाशकों पर समान रूप से वितरण संभव हो जाता है. फ्रेम के बीच की पूरी लंबाई में यह स्ट्रिप इसे मधुमक्खी के मोम के संपर्क में नहीं आने देती. इस प्रकार कीटनाशकों को छत्ते और शहद में फैलने से रोकती है.
यह विश्व भर में मधुमक्खियों के सबसे खतरनाक दुश्मन-एक्टोपैरासिटिक माइट वरोआ डिस्ट्रक्टर के प्रबंधन के लिए सबसे सस्ता, प्रभावी और सुरक्षित उपकरण है. इस उपकरण से हानिकारक रसायनों से मुक्त शहद, पराग, प्रो पोलिस आदि जैसी अन्य उत्पाद मिल सकेंगे. एक कॉलोनी में मेडिकेटेड स्ट्रिप लगाने में केवल 15 सेकंड लगते हैं और हर बार मधुमक्खी बक्सा खोलते हुए फ्रेमों को निश्चित दूरी पर रखने की समस्या का भी हल हो जाता है. ‘बी हाइव स्ट्रिप हैंगर कम स्पेसर’ मजबूती और डिजाइन के कारण यह बहुत लंबे समय तक प्रयोग में लाया जा सकता है.