फरीदकोट में खाद बांटने के लिए FSAS पोर्टल पायलट प्रोजेक्ट शुरू, कालाबाजारी पर लगेगी रोक

फरीदकोट में खाद बांटने के लिए FSAS पोर्टल पायलट प्रोजेक्ट शुरू, कालाबाजारी पर लगेगी रोक

पंजाब के फरीदकोट जिले में किसानों को खाद की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने फर्टिलाइजर सप्लाई एप्लिकेशन सिस्टम (FSAS) को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया है. इस नई व्यवस्था के तहत किसान पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर खाद की मांग दर्ज करेंगे और टोकन के जरिए निर्धारित समय में सरकारी रेट पर खाद पा सकेंगे.

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क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Jun 17, 2026,
  • Updated Jun 17, 2026, 11:44 AM IST

पंजाब के जिला फरीदकोट में किसानों को खाद की आपूर्ति सुचारू रूप से सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार द्वारा फर्टिलाइजर सप्लाई एप्लिकेशन सिस्टम (FSAS) के तहत जिला फरीदकोट को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है. इस परियोजना के तहत किसान पोर्टल के माध्यम से खाद की मांग दर्ज करके खाद की खरीद कर सकेंगे. इससे खाद की कालाबाजारी रुकेगी और सरकारी रेट के तहत ही खरीद होगी. कृषि विभाग की और से इस पोर्टल के बारे में किसानों को जागरूक किया जा रहा है. 

इस बारे में जानकारी देते हुए कृषि विकास अधिकारी (एन्‍फोर्समेंट) डॉ. जतिंदरपाल सिंह मान ने बताया कि भारत सरकार द्वारा "फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल" नामक पोर्टल शुरू किया जा रहा है, जिसके माध्यम से खाद की खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया जाएगा. इस सिस्टम के बारे में किसानों और खाद विक्रेताओं को परिचित कराने के लिए लगातार प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं.

आधार की मदद से मिलेगी खाद

जतिंदरपाल सिंह ने बताया कि किसान पहले पोर्टल पर खुद को आधार कार्ड के माध्यम से रजिस्टर करेंगे और फिर पोर्टल पर खाद पाने के लिए आवेदन देंगे, जिसके बाद उन्हें एक टोकन जारी किया जाएगा. यह टोकन दो दिनों के लिए वैध होगा और किसान इस टोकन के आधार पर संबंधित डीलर या सहकारी सभा से खाद पा सकेंगे. उन्होंने कहा कि पोर्टल पर आवेदन करने के लिए किसानों के लिए फार्मर आईडी बनाना अनिवार्य होगा. 

कृषि विकास अधिकारी ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष कैंप लगा कर फार्मर आईडी बनवाई जा रही है. इसके अलावा किसान सहकारी सभाओं या कॉमन सर्विस सेंटरों (सीएससी) के माध्यम से भी अपनी फार्मर आईडी बनवा सकते हैं. उन्होंने खाद विक्रेताओं से भी अपील की कि वे अपने संपर्क वाले किसानों को फार्मर आईडी बनवाने के लिए प्रेरित करें. उन्होंने बताया कि इस सिस्टम के लागू होने से खाद की कालाबाजारी रुकेगी. साथ ही किसान की जरूरत से अधिक खाद के साथ डीलर कोई अन्य वस्तु मनमानी तरीके से नहीं बेचेगा. इससे किसानों से होने वाली लूट रुकेगी.

FSAS पोर्टल से किसानों को फायदा

इस मौके पर बातचीत करते हुए किसान प्रीत इंदर सिंह ने बताया कि इससे किसानों को बहुत फायदा होगा. उन्होंने कहा कि इससे जो डीलर किसानों खाद के साथ अन्य सामान जबरन बेचकर लूटते थे, वे काम रुकेंगे. खाद के साथ अतिरिक्त सामान किसानों के सर पर थोप दिया जाता था, वह रुकेगा. किसानों का पैसा बचेगा और परेशानियां कम होंगी.

FSAS भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा बनाया गया एक आसान डिजिटल प्लेटफॉर्म है. इसे किसानों को सब्सिडी वाली खाद तेजी और आसानी से उपलब्ध कराने के लिए डिजाइन किया गया है.

किसान सीधे अपने मोबाइल से सब्सिडी वाली खाद के लिए आवेदन कर सकते हैं. आवेदन करते समय, वे पहले से ही अपनी पसंद का आउटलेट चुन सकते हैं, जिससे खाद का स्टॉक आसानी से मिल जाता है और उसे लेने में कोई परेशानी नहीं होती. पंजाब के मुख्य उर्वरक निरीक्षक डॉ. गिरजेश भार्गव ने बताया कि आवेदन मंजूर होने के बाद किसान के लिए एक यूनिक QR कोड बनता है. इस कोड को चुने हुए आउटलेट पर दिखाकर किसान बिना किसी देरी के सुरक्षित तरीके से खाद खरीद सकते हैं.

कृषि विभाग के सूत्रों ने बताया कि यह पोर्टल केमिकल खाद के ज्यादा इस्तेमाल पर रोक लगाने में भी असरदार साबित होगा, क्योंकि इसमें हर किसान की खरीद का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा. इस डेटा का इस्तेमाल पूरे जिले में संतुलित और जरूरत के हिसाब से खाद के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है.

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