यूपी में खेती के लिए कैसा रहेगा नवंबर के महीने में मौसम? UPCAR ने किसानों के लिए जारी की सलाह

यूपी में खेती के लिए कैसा रहेगा नवंबर के महीने में मौसम? UPCAR ने किसानों के लिए जारी की सलाह

UP News In Hindi: उपकार के महानिदेशक डॉ. संजय सिंह ने बताया कि गेहूं की सिंचित दशा में समय से बुवाई के लिए DBW-187, DBW-826, PBW-915, HD-3428 जैसी उन्नत किस्मों की बुवाई नवंबर के पहले सप्ताह में शुरू करने तथा पछेती सरसों के लिए आजाद महक एवं सुलेखा का चयन करने को कहा गया है.

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  • LUCKNOW,
  • Nov 02, 2026,
  • Updated Nov 02, 2026, 9:01 AM IST

उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) द्वारा भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर नवंबर माह में मौसम आधारित खेती-किसानी को लेकर सुझाव जारी किया है. उपकार के महानिदेशक डॉ. संजय सिंह अनुसार नवंबर के पहले सप्ताह के आरंभिक चरण में प्रदेश के अधिकांश कृषि जलवायु अंचलों में हल्की से मध्यम बारिश के बाद मौसम मुख्य रुप से शुष्क रहने की संभावना है. वहीं, बुंदेलखंड, विन्ध्य एवं मध्य मैदानी क्षेत्र के अतिरिक्त प्रदेश के अन्य अंचलों में कहीं-कहीं मेघगर्जन, वज्रपात तथा भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए किसानों को गेहूं, चना, मटर, मसूर, रबी मक्का तथा पछेती सरसों की बुवाई आगामी 2-3 दिनों तक स्थगित रखने की सलाह दी गई है.

पर्याप्त मिट्टी की नमी होने पर ही करें बुवाई 

उन्होंने बताया कि किसान खेतों में पर्याप्त नमी होने की दशा में ही बुवाई का कार्य सुनिश्चित करें. इसके साथ ही धान की फसल का उचित मूल्य प्राप्त करने के लिए कटाई के बाद दानों में 9 प्रतिशत तक नमी सुनिश्चित करके ही उसे बिक्री के लिए मंडी ले जाएं. वहीं, किसानों को निर्देशित किया गया है कि वे खेतों में खरीफ फसलों विशेषकर धान के अवशेषों को कतई न जलाएं बल्कि अवशेषों को मिट्टी में मिलाएं जिससे मृदा की उर्वरा शक्ति एवं जैविक तत्वों में वृद्धि हो सके.

धान सहित खरीफ फसलों के अवशेष न जलाएं

पराली के त्वरित अपघटन के लिए 'हेलो केयर' उत्पाद का उपयोग किया जा सकता है जो केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के लखनऊ स्थित क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र में उपलब्ध है. भूमि एवं बीज जनित रोगों के नियंत्रण के लिए ट्राइकोडर्मा विरिडी अथवा ट्राइकोडर्मा हारजिएनम को गोबर की खाद में मिलाकर बुवाई से पूर्व अंतिम जुताई के समय भूमि में मिलाने का परामर्श दिया गया है.

गेहूं की इन उन्नत किस्मों की करें बुवाई

उपकार के महानिदेशक डॉ. संजय सिंह ने बताया कि गेहूं की सिंचित दशा में समय से बुवाई के लिए DBW-187, DBW-826, PBW-915, HD-3428 जैसी उन्नत किस्मों की बुवाई नवंबर के पहले सप्ताह में शुरू करने तथा पछेती सरसों के लिए आजाद महक एवं सुलेखा का चयन करने को कहा गया है. इसके अलावा जनपदों में विभागीय मूल्य पर उच्च गुणवत्तायुक्त आलू बीज उपलब्ध करा दिया गया है जहां किसान कुफरी बहार, कुफरी बादशाह, कुफरी आनंद सहित अन्य संस्तुत किस्मों के संपूर्ण कंद की बुवाई कर सकते हैं.

किसानों के लिए जरूरी हेल्पलाइन 1962

उन्होंने बताया कि किसानों और पशुपालकों को द्वार पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु संचालित मोबाइल वेटनरी यूनिट के टोल फ्री नंबर 1962 तथा बेमौसम बारिश अथवा दैवीय आपदा से होने वाली क्षति के मुआवजे हेतु टोल फ्री नंबर 1070 पर संपर्क कर मदद लिया जा सकता है.

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