देश में अपना ही रिकॉर्ड तोड़ेगी योगी सरकार, इस बार 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य

देश में अपना ही रिकॉर्ड तोड़ेगी योगी सरकार, इस बार 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य

यूपी में योगी कैबिनेट ने धान क्रय नीति 2026-27 को दी मंजूरी. 4500 केंद्रों पर होगी 65 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद. फार्मर आईडी वालों को रजिस्ट्रेशन से छूट और 48 घंटे में भुगतान की व्यवस्था.

 Lucknow CM Yogi Highlights Uttar Pradesh’s Achievements in Healthcare Sector Lucknow CM Yogi Highlights Uttar Pradesh’s Achievements in Healthcare Sector
क‍िसान तक
  • लखनऊ,
  • Oct 09, 2026,
  • Updated Oct 09, 2026, 4:43 PM IST

उत्तर प्रदेश में धान की सरकारी खरीद को लेकर योगी सरकार ने एक बार फिर बड़ा लक्ष्य तय किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए नई 'धान क्रय नीति' को हरी झंडी दे दी गई. पिछले वर्ष देश में सर्वाधिक 62 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीद कर पहला स्थान हासिल करने के बाद, सरकार ने इस बार अपने ही कीर्तिमान को ध्वस्त करते हुए 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का बड़ा लक्ष्य रखा है.

कैबिनेट निर्णय की जानकारी देते हुए खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय ने बताया कि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं. प्रदेश भर में आठ प्रमुख सरकारी क्रय एजेंसियों के माध्यम से 4500 क्रय केंद्र संचालित किए जाएंगे.

पश्चिमी UP में 15 अक्टूबर और पूर्वी UP में 1 नवंबर से खरीद

राज्य में भौगोलिक भिन्नता और फसल पकने के समय को देखते हुए खरीद प्रक्रिया को दो चरणों में बांटा गया है:

  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश: 15 अक्टूबर 2026 से 15 फरवरी 2027 तक
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश: 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक

संबंधित जिलों के जिलाधिकारी स्थानीय पैदावार और आवक के आधार पर क्रय संस्थाओं को केंद्रों का आवंटन करेंगे.

बढ़ा हुआ MSP: सामान्य धान 2441 और ग्रेड-ए 2461 रुपये प्रति क्विंटल

केंद्र सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में लगभग 3 प्रतिशत की वृद्धि किए जाने के बाद, इस बार प्रदेश के किसानों को सामान्य धान के लिए ₹2,441 प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान के लिए 2,461 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा.

फार्मर आईडी से सीधी खरीद, रजिस्ट्रेशन का झंझट खत्म

इस बार किसानों को डिजिटल सुविधा प्रदान करते हुए प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया गया है. भारत सरकार की 'एग्रीस्टैक' (AgriStack) योजना के तहत जिन किसानों की 'फार्मर आईडी' बन चुकी है, उन्हें विभागीय पोर्टल पर अलग से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने की आवश्यकता नहीं होगी. उनकी पहचान के आधार पर सीधे धान की तुलाई की जाएगी.

48 घंटे में खाते में आएगा पैसा, जीपीएस और क्यूआर कोड से निगरानी

किसानों की उपज का भुगतान सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) के माध्यम से वेरिफिकेशन के बाद 48 घंटे के भीतर सीधे बैंक खाते में भेजा जाएगा. भुगतान में बेवजह देरी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.

कालाबारी और धांधली रोकने के लिए धान की ढुलाई केवल जीपीएस (GPS) युक्त वाहनों से होगी. साथ ही, पायलट प्रोजेक्ट के तहत चयनित जिलों में चावल के बोरों पर क्यूआर (QR) कोड ट्रैकिंग लागू की जाएगी. सरकार ने खरीद के दौरान पैकिंग की समस्या न हो, इसके लिए कुल 12.25 लाख बोरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं.

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