Weed Management: गेहूं का दुश्मन है ये खरपतवार, ऐसे करें नियंत्रण और सिंचाई

Weed Management: गेहूं का दुश्मन है ये खरपतवार, ऐसे करें नियंत्रण और सिंचाई

गेहूं की फसल में समय पर सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण करना बहुत जरूरी है. सही समय पर पानी देने और खरपतवार हटाने से पौधे मजबूत होते हैं, कल्ले अच्छे बनते हैं और फसल की पैदावार बढ़ती है. किसान इन आसान तरीकों से अपनी फसल को स्वस्थ और मुनाफेदार बना सकते हैं.

खरपतवार हटाएं, फसल को खुशहाल बनाएंखरपतवार हटाएं, फसल को खुशहाल बनाएं
क‍िसान तक
  • Noida ,
  • Jan 01, 2026,
  • Updated Jan 01, 2026, 10:00 AM IST

गेहूं हमारी मुख्य फसल है और इसे अच्छी तरह उगाने के लिए सही समय पर सिंचाई करना और खरपतवार को हटाना बहुत जरूरी है. अगर हम फसल को समय पर पानी देंगे और खरपतवार साफ करेंगे, तो पौधे मजबूत होंगे और ज्यादा अनाज देगा. गेहूं की फसल को स्वस्थ बनाने के लिए किसान को ध्यान देना पड़ता है कि पौधों को कितना पानी चाहिए और फसल में कौन-कौन से खरपतवार हैं.

सिंचाई कब करनी चाहिए

गेहूं की फसल में सही समय पर पानी देना बहुत जरूरी है. जब पौधे 40-45 दिन के हो जाते हैं और कल्ले निकलने लगते हैं, तब सिंचाई करनी चाहिए. पहली सिंचाई बोने के 20-25 दिन बाद करनी चाहिए. इस समय पौधे छोटे होते हैं और उनके जड़ मजबूत करने के लिए पानी देना जरूरी है. दूसरी सिंचाई तब करनी चाहिए जब पौधे तेजी से बढ़ रहे हों. गेहूं की फसल को पूरी तरह बढ़ने के लिए लगभग 4-6 बार पानी देना पड़ता है.

समय पर पानी देने से पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं और कल्ले यानी अनाज बनने वाले हिस्से अच्छे से बढ़ते हैं. अगर पानी समय पर नहीं दिया गया तो पौधे कमजोर हो जाते हैं और अनाज कम होता है. इसलिए किसान को यह ध्यान रखना चाहिए कि फसल की हर अवस्था में पर्याप्त पानी उपलब्ध हो.

खरपतवार क्या हैं और क्यों हटाएं

खरपतवार छोटे-छोटे पौधे होते हैं जो गेहूं के साथ खेत में उगते हैं. ये पौधे गेहूं के पौधों से पोषण ले लेते हैं. पोषण का मतलब है कि ये पौधे गेहूं से जरूरी तत्व जैसे नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश, मैग्नीशियम और कैल्शियम चुरा लेते हैं. अगर खरपतवार ज्यादा बढ़ जाएं तो गेहूं के पौधे कमजोर हो जाते हैं और अनाज कम होता है.

गेहूं में बहुत सारे खरपतवार होते हैं. कुछ आम खरपतवार हैं: गेहूं का मामा, कृष्णनील, मोथा, बथुआ, चटरी-मटरी, हिरनखुरी, सैंजी, जंगली जई, जंगली पालक और जंगली गाजर. ये पौधे खेत में फैलते हैं और फसल को नुकसान पहुंचाते हैं. इसलिए किसान को समय पर इन्हें हटाना चाहिए.

खरपतवार हटाने का तरीका

खरपतवार हटाने के लिए कुछ दवाइयाँ उपयोग की जाती हैं. इन दवाइयों को पानी में घोलकर फसल पर छिड़काव करना चाहिए. कुछ दवाइयों के नाम हैं: सल्फोसल्फ्यूरॉन, टाइसोप्रोट्यूरॉन + मैटसल्फ्यूरॉन मिथाइल और क्लोडिनाफॉप + मैटसल्फ्यूरॉन मिथाइल. इन दवाइयों का छिड़काव पहली सिंचाई के बाद करना चाहिए, लेकिन पौधों की उम्र 30 दिन से कम नहीं होनी चाहिए. इससे फसल स्वस्थ रहती है और खरपतवार नहीं बढ़ते.

जल प्रबंधन क्यों है जरूरी

सही समय पर और सही मात्रा में पानी देने से गेहूं के पौधे स्वस्थ रहते हैं. जल प्रबंधन का मतलब है कि पौधों को सिर्फ इतना पानी दें कि उनकी जड़ें मजबूत हों और पूरे खेत में पानी बराबर पहुंचे. इससे कल्ले अच्छे से बनते हैं और फसल का हर हिस्सा पूरी तरह बढ़ता है. अगर पानी की कमी या ज्यादा पानी हो जाए तो पौधे कमजोर हो जाते हैं और अनाज कम मिलता है.

समय पर सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण करने से गेहूं की फसल मजबूत होती है और अच्छी पैदावार देती है. किसान को चाहिए कि वह फसल की हर अवस्था को ध्यान में रखकर पानी दें और खरपतवार को समय पर हटाएं. इससे गेहूं की फसल स्वस्थ रहेगी और खेत से ज्यादा अनाज मिलेगा.

ये भी पढ़ें: 

यूपी के संभल पहुंचा Kisan Karwan, जादूगर ने जीता दिल, एक्सपर्ट्स की सलाह पर खुश हुए किसान
इस तारीख तक प्‍याज की रोपाई कर लें किसान, ये किस्‍में देंगी अच्‍छी पैदावार, पढ़ें डिटेल

MORE NEWS

Read more!