
मंडी और मार्केट में ऐसे तो सालों भर सभी तरह की हरी सब्जियां मिलती हैं. लेकिन कुछ सब्जियों की खेती सिर्फ सर्दी के मौसम में ही की जाती है. इससे किसानों को कम लागत में अच्छी पैदावार मिलती है. अगर किसान भाई नवंबर महीने के दौरान सर्दी के मौसम में उगाए जाने वाले सब्जियों की बुवाई करते हैं, तो उन्हें ज्यादा फायदा होगा. क्योंकि नवंबर महीने में उगाई जाने वाली सब्जियों की डिमांड सर्दी के मौसम में बढ़ जाती है. ऐसे में आज हम उन हरी सब्जियों के बारे में जानेंगे, जिनकी नवंबर में बुवाई करने पर सर्दी के मौसम में बंपर पैदावार मिलती है.
पालक की बुवाई: किसान भाई गर्मी और बरसात में भी पालक की खेती करते हैं, लेकिन सर्दी का मौसाम इसकी खेती के लिए बहुत ही उपयुक्त माना गया है. ऐसे भी सर्दी के मौसम में पालक की डिमांड बढ़ जाती है. लोग पालक पराठा, पालक रोटी और पालक पनीर बड़े ही चाव के साथ खाते हैं. ऐसे में किसान भाई अगर अभी पालक की बुवाई करते हैं, तो वे एक महीने के बाद पालक बेचकर बंपर कमाई कर सकते हैं.
गाजर की करें खेती: ऐसे गाजर मार्केट में सालों भर मिलता है, लेकिन यह सर्दी के मौसम में उगाई जाने वाली एक तरह की फसल है. इसकी फसल 70 से 90 दिनों में तैयार हो जाती है. अगर किसान भाई नवंबर महीने में गाजर की बुवाई करते हैं, तो 15 जनवरी के बाद से इसकी पैदावार शुरू हो जाएगी. गाजर की पैदावार 100 से 120 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है. जबकि, जनवरी और फरवरी महीने के दौरान मार्केट में गाजर 30 से 40 रुपये किलो बिकता है. अगर आप 30 रुपये किलो के हिसाब से भी 120 क्विंटल गाजर बेचते हैं, तो आपको 360,000 रुपये की इनकम होगी.
मेथी की खेती: इसी तरह किसान भाई नवंबर महीने में मेथी की बुवाई भी कर सकते हैं. पालक की तरह सर्दी के मौसम में लोग बड़े ही चाव से मेथी पराठा और मेथी रोटी खाते है. इससे दिसंबर और जनवरी महीने के दौरान मेथी की डिमांड मार्केट में बढ़ जाती है. खास बात यह है कि पत्तियों के साथ- साथ मेथी के बीज भी मार्केट में अच्छी रेट पर बिक जाते हैं. ऐसे मेथी की फसल को पूरी तरह से तैयार होने में 130 से 140 दिन का समय लगता है. लेकिन आप बुवाई करने के एक महीने के बाद से ही पत्तियों तो तोड़कर मार्केट में बेच सकते हैं. मेथी की पत्तियों को साग के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है.