
रांची के सिल्ली इलाके में भारी बारिश के बाद रानी हारा चेक डैम का बांध टूट गया. बांध टूटने के बाद बड़ी मात्रा में पानी आसपास के खेतों में पहुंच गया. इससे करीब 1000 एकड़ में लगी धान की फसल प्रभावित होने की बात सामने आई है. घटना गोडाडीह पंचायत के बामनी गांव के पास हुई. हालांकि, घटना में किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है. प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही है.
रानी हारा चेक डैम रांची से करीब 70 किलोमीटर दूर सिल्ली विधानसभा क्षेत्र में खैर बेड़ा के पास स्थित है. यह इलाका झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा के करीब है. चेक डैम को पहाड़ों से बारिश के दौरान बहकर आने वाले पानी को जमा करने के लिए बनाया गया है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस बार लगातार बारिश के कारण चेक डैम पूरी तरह भर गया था. पानी का दबाव लगातार बढ़ता गया. इसी वजह से बामनी गांव के पास चेक डैम का करीब 20 से 25 फीट हिस्सा टूट गया. बांध टूटने के बाद पानी तेज रफ्तार से आसपास के खेतों की ओर बहने लगा.
स्थानीय लोगों के अनुसार, चेक डैम का पानी पहले सड़क की ओर आने लगा था. इसके बाद पानी को खेतों की तरफ मोड़ा गया. अचानक खेतों में बड़ी मात्रा में पानी पहुंचने से वहां लगी धान की फसल प्रभावित हो गई. सिल्ली थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि चेक डैम में बारिश का पानी जमा किया जाता है. पानी का दबाव बढ़ने के कारण इसका करीब 20 फीट हिस्सा टूट गया. इसके बाद पानी खेतों की ओर बहने लगा. हालांकि, कुछ समय बाद स्थिति सामान्य हो गई.
चेक डैम टूटने का असर आसपास के कई गांवों में देखने को मिला. खैर बेड़ा के अलावा बाबनी, सातपालू, गोंडाडीह और रेगड़ीआम गांव के खेतों में पानी पहुंचा. ग्रामीणों का कहना है कि बड़ी संख्या में किसानों की धान की फसल को नुकसान हुआ है. खैर बेड़ा निवासी मुरली घटवार ने बताया कि चेक डैम रानी हारा और बामनी पहाड़ी की तराई में बनाया गया है. पहाड़ों से बारिश का पानी बहकर यहां जमा होता है. इस बार चेक डैम में पानी काफी ज्यादा भर गया था. पानी का दबाव बढ़ने के बाद अचानक बांध का एक बड़ा हिस्सा टूट गया.
मुरली घटवार के मुताबिक, चेक डैम टूटने से कम से कम 1000 एकड़ में लगी धान की फसल प्रभावित हुई है. पानी तेज बहाव के साथ खेतों में पहुंचा, जिससे तैयार हो रही धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है. उन्होंने बताया कि चेक डैम में मछलियां भी पाली गई थीं. बांध टूटने के बाद पानी के तेज बहाव के साथ बड़ी संख्या में मछलियां भी बह गईं. घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों के लोग मौके पर पहुंच गए और स्थिति को देखा.
चेक डैम टूटने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने इलाके का जायजा लिया और स्थिति को सामान्य करने के लिए जरूरी कदम उठाए. बाद में चेक डैम के टूटे हिस्से की मरम्मत भी कर दी गई, जिसके बाद आवागमन सामान्य हो गया. सिल्ली थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई और न ही किसी के घायल होने की जानकारी है. प्रशासन की प्राथमिकता स्थिति को नियंत्रित करना और प्रभावित इलाके का जायजा लेना है.
ग्रामीणों का कहना है कि धान की फसल को हुए नुकसान की सही तरीके से जांच की जानी चाहिए. किसानों ने मांग की है कि जिन लोगों की फसल पानी में खराब हुई है, उन्हें सरकार की ओर से उचित मुआवजा दिया जाए. सिल्ली विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी और छात्र नेता देवेंद्र महतो ने भी प्रशासन से प्रभावित किसानों की फसल के नुकसान का आकलन करने और उन्हें मुआवजा देने की मांग की है. फिलहाल प्रशासन की टीम नुकसान का आकलन करने में जुटी है. नुकसान की पूरी रिपोर्ट सामने आने के बाद किसानों को हुए नुकसान की सही तस्वीर साफ हो सकेगी.
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