
पंजाब में खराब मौसम की वजह से किसानों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है. इस नुकसान को देखने और सही जानकारी जुटाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियन ने बताया कि राज्य में 500 से ज्यादा कृषि विभाग के अधिकारी तैनात किए गए हैं. ये अधिकारी अलग-अलग जिलों में जाकर खेतों का हाल देख रहे हैं और फसल के नुकसान का पता लगा रहे हैं.
सरकार ने जिन जिलों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, वहां खास ध्यान दिया है. ये जिले हैं-अमृतसर, मुक्तसर साहिब, फाजिल्का, बठिंडा, मानसा, फिरोजपुर और मोगा. इन सभी जगहों पर अधिकारी किसानों के खेतों में जाकर फसल की हालत देख रहे हैं. करीब 145 बड़े अधिकारी (ग्रुप A) भी इस काम को ध्यान से देख रहे हैं ताकि कोई गलती न हो.
हाल ही में तेज बारिश और ओलावृष्टि (ओले गिरना) की वजह से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल खराब हो गई. कई जगह फसल गिर गई और भीग गई, जिससे उसकी गुणवत्ता भी खराब हो सकती है. शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 1.25 लाख एकड़ जमीन में लगी गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है. इसलिए सरकार यह जानना चाहती है कि किस किसान को कितना नुकसान हुआ है, ताकि उन्हें सही मदद मिल सके.
सरकार ने फसल के नुकसान का सही हिसाब लगाने के लिए “स्पेशल गिरदावरी” शुरू की है. इसका मतलब है कि अधिकारी खेतों में जाकर ध्यान से जांच करते हैं और लिखते हैं कि फसल को कितना नुकसान हुआ है. इस काम में कृषि विभाग और राजस्व विभाग दोनों मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि रिपोर्ट सही और जल्दी तैयार हो सके.
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार इस मुश्किल समय में किसानों के साथ खड़ी है. जो भी किसान इस नुकसान से प्रभावित हुए हैं, उन्हें नियमों के अनुसार मुआवजा (पैसे की मदद) दी जाएगी. जब सभी जिलों से रिपोर्ट आ जाएगी, तब हर किसान को उसकी फसल के नुकसान के अनुसार मदद मिलेगी.
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी पहले ही घोषणा की थी कि किसानों को जल्दी राहत दी जाएगी. इसलिए अधिकारी तेजी से काम कर रहे हैं ताकि किसी किसान को इंतजार न करना पड़े.
कृषि मंत्री खुद भी खेतों में जाकर किसानों से मिल रहे हैं. उन्होंने मुक्तसर साहिब जिले में जाकर फसलों का हाल देखा और किसानों की परेशानी समझी. इससे किसानों को भरोसा मिला कि सरकार उनकी मदद के लिए सच में काम कर रही है.
अधिकारी सिर्फ नुकसान देखने ही नहीं जा रहे, बल्कि किसानों को सलाह भी दे रहे हैं. वे बता रहे हैं कि बची हुई फसल को कैसे बचाया जाए और आगे क्या करना चाहिए. अधिकारी किसानों से लगातार संपर्क में हैं ताकि उन्हें सही जानकारी मिलती रहे.
ये भी पढ़ें:
बिहार के इथेनॉल सेक्टर को राहत: केंद्र सरकार जल्द बढ़ाएगी कोटा, लिमिट हटाने का फैसला
घाटे का सौदा बन रही पान की खेती! 'सरकार की अनदेखी', क्लाइमेट चेंज से जूझ रहे किसानों की ये हैं मांगें