पाकिस्तान जिसकी हालत दिन-ब-दिन काफी नाजुक होती जा रही है. पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति की बात करें तो वह पूरी तरह से अस्थिर है. कृषि प्रधान देशों में गिने जाने वाले पाकिस्तान की खाद्यान्न आपूर्ति में स्थिति काफी नाजुक होती जा रही है. आलम ये है कि पाकिस्तान में गेहूं के उत्पादन में आई कमी से आटे की कीमत आसमान छूने लगी है. वहीं पाकिस्तान में आटा 160 रुपये किलो बिक रहा है. पाकिस्तान के इस कृषि संकट की वजह पिछले साल बाढ़ के रूप में आई त्रासदी है. इस बाढ़ से पाकिस्तान अभी तक उबर नहीं पाया है और वहां पर आपातकाल घोषित करने जैसा नौबत आ गया है. असल में पाकिस्तान के किसानों ने कृषि संकट को देखते हुए कृषि आपातकाल घोषित करने की अपील की है.
पाकिस्तान में चल रहे गेहूं संकट को लेकर वहां के आम जन काफी परेशान हैं. गेहूं के कम उत्पादन की वजह से आटे के बढ़ते भाव आम जन की जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई है. ऐसी स्थिति को देखते हुए किसान निकाय, पाकिस्तान किसान इत्तेहाद (पीकेआई) ने 11 जनवरी को अधिकारियों से कृषि कृषि आपातकाल घोषित करने का आग्रह किया है.
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पीकेआई के अध्यक्ष खालिद महमुद खोखर ने एक संवाददाता सम्मेलन में सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए दावा किया कि इस संकट को देखते हुए देश को 2023 में गेहूं खरीदने की आवश्यकता है. उन्होंने बाजार में उर्वरक की कमी का उल्लेख किया और सरकार से इस पर जल्द कार्रवाई करने का आग्रह किया. पाकिस्तान अब तक की अपने सबसे खराब दौर से गुजर रहा है. जिसमें आटे के संकट का सामना कर पड़ रहा है. वहीं देश के कुछ हिस्सों में जैसे, खैबर पख्तूनख्वा, सिंध और बलूचिस्तान प्रांत में गेहूं की कमी से भगदड़ जैसे हालात है.
पाकिस्तान में जारी कृषि संकट के चलते गेहूं और आटे की कीमतें आसमान छूती जा रही है. कराची में आटे की कीमत 140 से 160 रुपये प्रति किलो बिक रही है. तो वहीं देश की राजधानी इस्लामाबाद में आटे के 10 किलो की पैकेट की कीमत 1500 रुपये है और पंजाब प्रांत में आटे का भाव 160 रुपये प्रति किलो हो गया है. इसको भयंकर स्थिति को लेकर सरकार के लोगों का भी मानना है कि देश को तत्काल गेहूं खरीदने की जरूरत है. नहीं तो ये संकट और भी बद से बदतर हो जाएगा.
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