Kharif Crops MSP: यूपी सरकार ने 10 खरीफ फसलों के MSP पर की चर्चा, केंद्र को भेजी नए रेट की सिफारिश

Kharif Crops MSP: यूपी सरकार ने 10 खरीफ फसलों के MSP पर की चर्चा, केंद्र को भेजी नए रेट की सिफारिश

खरीफ 2026-27 से पहले यूपी सरकार ने किसानों को बड़ा संकेत दिया है. कृषि मंत्री की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में धान समेत 10 प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है. इससे किसानों की आमदनी और फसल चयन पर सीधा असर पड़ सकता है.

UP Kharid Crops MSP ReccomendationUP Kharid Crops MSP Reccomendation
नवीन लाल सूरी
  • Lucknow,
  • Jan 24, 2026,
  • Updated Jan 24, 2026, 9:02 AM IST

लखनऊ में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में हुई मूल्य परामर्शदात्री समिति की अहम बैठक में खरीफ 2026-27 सीजन की 10 प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है. किसानों को उनकी उपज का उचित और लाभकारी दाम दिलाने के उद्देश्य से इन फसलों के प्रस्तावित मूल्य भारत सरकार को भेज दिए गए हैं. राज्य सरकार का इस बात पर जोर है कि समय रहते केंद्र स्तर पर एमएसपी पर फैसला हो, ताकि खरीफ की बुवाई से पहले किसानों को साफ संकेत मिल सके.

विधानभवन में आयोजित बैठक में सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर और खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री सतीश शर्मा भी मौजूद रहे. अधिकारियों के अनुसार, बैठक का फोकस किसानों की लागत, बाजार के हालात और पिछले वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए फसलों के उचित दाम तय करने पर रहा.

इन फसलों के एमएसपी पर हुई चर्चा

इस बैठक में धान ग्रेड-ए, सामान्य धान, ज्वार, मक्का, उड़द, अरहर, मूंग, मूंगफली, सोयाबीन और तिल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर चर्चा हुई. कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों को मेहनत का सही मूल्य दिलाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है. इसी सोच के तहत इन सभी फसलों के लिए मूल्य की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार का मानना है कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी और वे खरीफ सीजन में फसल चयन को लेकर ज्यादा भरोसे के साथ निर्णय ले सकेंगे.

खाद उपलब्‍धता और सप्‍लाई पर भी की बैठक

इसी क्रम में कृषि मंत्री ने प्रदेश में उर्वरकों की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की भी समीक्षा की. रबी सीजन के बीच किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं. मंत्री ने कहा कि जिन कंपनियों ने तय लक्ष्य के अनुसार उर्वरक की आपूर्ति नहीं की है, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में इस समय यूरिया, डीएपी और एनपीके का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. रोजाना औसतन 12 से 13 यूरिया रैक प्रदेश में पहुंच रही हैं. अक्टूबर 2025 से अब तक एक करोड़ से ज्यादा किसानों को पीओएस मशीनों के जरिए उर्वरक उपलब्ध कराया गया है, जिससे पारदर्शिता बनी हुई है.

इन मंडलों में पर्याप्‍त खाद उपलब्‍ध

सरकार का दावा है कि सहकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में उर्वरकों की स्थिति संतोषजनक है. बरेली, मुरादाबाद, वाराणसी और गोरखपुर जैसे मंडलों में पर्याप्त भंडारण होने की बात कही गई है. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मांग के अनुसार समय पर वितरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसान बिना किसी चिंता के खेती के काम में जुटे रह सकें.

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