
तेलंगाना राज्य में कम बारिश ने किसानों को परेशान या दुखी करने की जगह एक नया आइडिया दिया है. यहां के किसानों ने अब खेती का पैटर्न बदल लिया है. अब वो पारंपरिक फसलों की जगह कपास और मक्के की बुवाई पर जोर देने लगे हैं. तेलंगाना के आदिलाबाद, कोमुरम-भीम आसिफाबाद, निजामाबाद, निर्मल, कामारेड्डी, पेड्डापल्ली, जगतियाल, राजन्ना-सिरसिला, मुलुगु, भूपालपल्ली और भद्राद्री कोठागुडेम जिलों में कम बारिश हुई है. जबकि इस मौसम में अब तक ‘बहुत कम’ बारिश दर्ज की गई है.
जोगुलम्बा गडवाल जिले में बुधवार, 19 जून तक इस मौसम में सबसे अधिक (बहुत अधिक) बारिश हुई है. यहां पर 153.5 मिमी बारिश दर्ज की गई जो पिछले साल इसी तारीख को हुई 25.8 मिमी बारिश से काफी ज्यादा है. यह अभी भी 44.6 मिमी बारिश से बहुत ज्यादा है. हालांकि, राज्य के औसत को देखें तो इस साल जून में हुई बारिश पिछले साल के दक्षिण-पश्चिम मानसून से बेहतर रही है. 1-19 जून के बीच 85.3 मिमी बारिश हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 15.7 मिमी बारिश दर्ज की गई थी. आज की तारीख में सामान्य बारिश का अनुमान 78.5 मिमी है. तेलंगाना के कृषि विभाग के आंकड़ों पर अगर यकीन करें तो बुधवार तक सामान्य बारिश से 8.7 फीसदी से कुछ अलग है.
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राज्य में पानी की उपलब्धता पहले की तुलना में कम है. तेलंगाना के सभी प्रमुख जलाशयों में बुधवार को 223.53 हजार मिलियन क्यूबिक फीट (टीएमसी) पानी है, जबकि पिछले साल इस दिन 370.02 टीएमसी फीट पानी था. ऐसे में तेलंगाना के किसान ज्वार, बाजरा, मक्का, रागी, दालें, मूंगफली, सोयाबीन, कपास आदि बारिश पर आधारित फसलों की बुवाई भी कर रहे हैं. साथ ही धान की खेती भी तय सिंचाई स्रोतों की मदद से की जा रही है. धान की बुआई फिलहाल नर्सरी चरण में है और सीमित है. लेकिन तेलंगाना में बुआई के रुझान बताते हैं कि किसान इस साल कपास की खेती कर रहे हैं क्योंकि कपास की फसल सूखे में भी की जा सकती है.
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तेलंगाना सरकार भी इस मौसम में किसानों को कपास की खेती करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है क्योंकि वैश्विक स्तर पर कपास की मांग बहुत ज्यादा है. खरीफ सीजन में कपास की खेती का सामान्य रकबा 50,48,904 एकड़ है, जबकि पिछले साल यह रकबा 1,14,317 एकड़ था. इस साल यह बढ़कर 15,60,677 एकड़ हो गया है. यह बताता है कि किसान मौजूदा जलवायु परिस्थितियों और इस मौसम में सुनिश्चित और पानी की उपलब्धता के अनुसार सही फसल चुनने में सावधानी बरत रहे हैं.
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निजामाबाद जिले के कई किसान इस मौसम में मक्का की खेती कर रहे हैं. जिले में मक्का की खेती का सामान्य रकबा 38,056 एकड़ है और पिछले साल इस समय तक मक्का की बुवाई 2,258 एकड़ में हुई थी. इस सीजन में यह रकबा बढ़कर 15,939 एकड़ हो गया है, जो इस बात का संकेत है कि इस जिले के किसान फसल को लेकर भी सतर्क हैं. खरीफ फसल सीजन के लिए राज्य भर में सामान्य खेती का रकबा 1,31,02,372 एकड़ है जबकि पिछले साल यह रकबा 1,53,889 एकड़ था. कृषि विभाग की साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार इस साल बुधवार यानी 19 जून तक यह रकबा बढ़कर 20,22,603 एकड़ हो गया है.