
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होते ही आसमान में काले बादल छा गए और देखते ही देखते तेज आंधी, बारिश के साथ जमकर ओलावृष्टि हुई. राजधानी जयपुर सहित कई जिलों में तेज आंधी, बारिश ने किसानों को चिंतित कर दिया है. जयपुर ग्रामीण के आसलपुर, जोबनेर और कालवाड़ समेत कई गांवों में बारिश के साथ गिरे बड़े-बड़े ओलों ने खेतों को सफेद चादर से ढक दिया. खेतों में दूर तक बिछी यह बर्फ जैसी परत देखने में भले ही खूबसूरत लगी, लेकिन किसानों के लिए यह किसी तबाही से कम नहीं थी.
ग्रामीण इलाकों में किसानों की सबसे ज्यादा चिंता उनकी फसलों को लेकर बढ़ गई है. कई जगह खड़ी फसल जमीन पर गिर गई, तो कहीं कटी हुई उपज भीगकर खराब हो गई. कुछ ही मिनटों की ओलावृष्टि ने महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया. अचानक बदले मौसम ने जनजीवन को भी कुछ समय के लिए अस्त-व्यस्त कर दिया. उधर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि जयपुर ग्रामीण सहित राजस्थान के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है. विभाग ने आंधी, बारिश और ओलावृष्टि को लेकर अलर्ट जारी किया है.
जयपुर के अलावा बीकानेर जिला भी आज एक अलग ही रूप में नजर आया. मरुस्थल के समंदर कहे जाने वाले इन रेतीले टीलों पर जब कुदरत ने करवट बदली, तो नजारा बिल्कुल कश्मीर जैसा हो गया. बीकानेर के महाजन और अर्जुनसर इलाके में भारी ओलावृष्टि के चलते चारों तरफ सफेद चादर बिछ गई.
शुक्रवार बीते कुछ घंटों चली तूफानी हवाओं और अचानक हुई मूसलाधार बारिश के साथ गिरे ओलों ने पूरे परिदृश्य को बदल दिया, जहां तक नजर जा रही थी, वहां रेत के बजाय सिर्फ सफेद ओले ही नजर आ रहे थे. स्थानीय निवासियों के लिए यह नजारा जितना अद्भुत था, किसानों के लिए उतना ही डरावना.
इस कुदरती मार ने क्षेत्र के अन्नदाताओं की कमर तोड़ दी है. ओलावृष्टि और तेज अंधड़ के कारण कई फसलें बर्बाद हो गई हैं. खेतों में खड़ी पकी-पकाई फसलों पर ओलों की मार पड़ने से वे पूरी तरह जमीन पर बिछ गई हैं. कटाई के मुहाने पर खड़ी फसलें तबाह होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है. वहीं, महीनों की मेहनत के बाद जब फसल घर आने वाली थी, तब कुदरत के इस 'सफेद कहर' ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया.
एक स्थानीय किसान ने कहा कि हमने सोचा नहीं था कि धोरों में ऐसी बर्फबारी होगी, नजारा देखने में तो सुंदर है. लेकिन हमारे बच्चों का निवाला छीन गया. पूरी फसल बर्बाद हो गई है. भारी ओलावृष्टि से हुए इस नुकसान के बाद अब किसानों की नजरें सरकार और प्रशासन पर टिकी हैं. महाजन और अर्जुनसर के प्रभावित क्षेत्रों के किसानों ने मांग की है कि गिरदावरी करवाकर जल्द से जल्द उचित मुआवजे का ऐलान किया जाए, ताकि उन्हें इस संकट की घड़ी में कुछ राहत मिल सके. (विशाल शर्मा और रवि बिश्नोई की रिपोर्ट)