
केंद्र सरकार ने कर्नाटक में रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर चना (बंगाल ग्राम) की खरीद को मंजूरी दे दी है. कृषि मंत्रालय ने राज्य में 1.13 लाख टन चना खरीदने की स्वीकृति दी है, जिसकी कुल अनुमानित लागत 595.37 करोड़ रुपये है. आपको बता दें कि इसी मामले पर कुछ दिन पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर खास अपील की गई थी.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को मीडिया को जानकारी दी कि केंद्र ने कर्नाटक के किसानों के हित में यह फैसला लिया है. उन्होंने कहा कि रबी 2026-27 मार्केटिंग सीजन के लिए चने का एमएसपी 5875 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. राज्य सरकार को निर्देश दिया गया है कि वह मंजूर पूरी मात्रा की खरीद सुनिश्चित करे. कृषि मंत्री ने इस दौरान कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सरकार पिछले वर्षों में एमएसपी और मार्केट इंटरवेंशन स्कीम के तहत मंजूर फसलों की पूरी खरीद करने में असफल रही है.
कृषि मंत्री ने आरोप लगाया कि 2024-25 सीजन में अरहर (तूर दाल) और 2025-26 मार्केटिंग सीजन में तोतापुरी आम की खरीद में भी राज्य सरकार ने लापरवाही बरती. चौहान के मुताबिक, 2024-25 सीजन में अरहर की एमएसपी पर खरीद के लिए 3 लाख टन की मंजूरी दी गई थी लेकिन कर्नाटक सरकार ने केवल 2.16 लाख टन अरहर की ही खरीद की. इसी तरह, 2025-26 मार्केटिंग सीजन में कीमतों में गिरावट के दौरान मार्केट इंटरवेंशन स्कीम के तहत 2.5 लाख टन तोतापुरी आम खरीदने की मंजूरी थी, जबकि राज्य सरकार ने केवल 1.37 लाख टन आम ही खरीदे.
इस बीच, कृषि मंत्री ने कांग्रेस पर विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-GRAM-G) योजना को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हाल ही में MNREGA की जगह VB-GRAM-G योजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण रोज़गार को अधिक प्रभावी और उत्पादक बनाना है. इस योजना के तहत पहले के 100 दिनों की बजाय 125 दिनों के काम की गारंटी दी जाएगी और रोजगार को स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण से जोड़ा जाएगा.
चौहान ने बताया कि योजना के अंतर्गत जल संरक्षण से जुड़े चार प्रमुख प्रकार के एसेट्स, कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे खेतों में तालाब, चेक डैम, साथ ही स्कूल, सड़क और ड्रेनेज से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी. वहीं, चालू रबी बुआई सीज़न में देश में बंगाल चने के रकबे में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. 16 जनवरी तक चने का कुल रकबा 5 प्रतिशत बढ़कर 95.87 लाख हेक्टेयर हो गया है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 91.22 लाख हेक्टेयर था.
राजस्थान, मध्य प्रदेश और कर्नाटक जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में चने के रकबे में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. राजस्थान में चने का रकबा बढ़कर 20.58 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले साल 16.55 लाख हेक्टेयर था. मध्य प्रदेश में यह 13.54 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 15.54 लाख हेक्टेयर और कर्नाटक में 6.79 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 9.50 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है. हालांकि, महाराष्ट्र में चने का रकबा घटकर 28.73 लाख हेक्टेयर से 25.36 लाख हेक्टेयर रह गया है.
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