
हरियाणा के करनाल की घरौंडा अनाज मंडी में अपनी सरसों की फसल को लेकर पहुंचे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. सरकार ने सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 6,200 प्रति क्विंटल तय किया है, जिससे मंडी में अपनी सरसों की फसल को लेकर पहुंचे किसान काफी खुश नजर आ रहे हैं. मंडी में उनकी सरसों की फसल को हाथों-हाथ खरीदा जा रहा है, और मंडी की व्यवस्था को लेकर भी किसान संतुष्ट नजर आ रहे हैं.
घरौंडा अनाज मंडी में अपनी सरसों की फसल को लेकर पहुंचे किसान आदेश राणा ने कहा कि इस वर्ष सरसों का समर्थन मूल्य सरकार की ओर से 6200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. उन्होंने कहा कि वो 10 किले की सरसों की फसल लेकर मंडी में आए हैं. उन्होंने अपनी सरसों की फसल को सरकारी खरीद प्रक्रिया से तुलवाई है. किसान ने कहा कि 93 क्विंटल सरसों पोर्टल पास आया था, जिसमें से 60 क्विंटल कल और बाकी आज तुलवाना है.
उन्होंने कहा जितना सरसों हुआ है उसे खरीदना चाहिए. साथ ही साथ किसान ने कहा सरकार एक किले का 8 क्विंटल पोर्टल करती है उसे 10 क्विंटल करना चाहिए. इसके अलावा किसान ने कहा इस बार प्राइवेट सरसों खरीद पर भी अच्छे दाम मिल रहे हैं. वहीं, सरकार की ओर से भी किसानों को सरसों के अच्छे दाम मिल रहे हैं जिससे किसान खुश हैं.
मंडी में अपनी सरसों की फसल लेकर पहुंचे किसान ओमकार ने कहा मंडी में किसानों के लिए अच्छे इंतजाम किए गए हैं और किसानों को उनकी फसल के दाम भी अच्छे मिल रहे हैं. किसान ने कहा, हालांकि इस बार सरसों की फसल का झाड़ पिछले वर्ष के मुकाबले बरसात की वजह से कम है. किसान ने कहा सरकार की ओर से 6200 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है. उन्होंने कहा कि सरसों की फसल के दाम ठीक मिलने से किसान खुश हैं. किसान ने कहा सरकार किसानों की फसल की खरीद को समय पर करवा रही है. जिससे किसान खुश हैं. किसान ने बताया वह अपनी 3 एकड़ सरसों की फसल को मंडी में लेकर पहुंचे हैं.
इसके अलावा मंडी में अपनी सरसों की फसल लेकर पहुंचे किसान रोहताश ने कहा कि मंडी में सरसों की फसल की सही खरीद हो रही है. किसानों को कोई भी दिक्कत नहीं हो रही है. उन्होंने कहा यहां पर एमएसपी पर किसानों की सरसों की खरीद हो रही है. समय पर किसानों की फसल का उठान भी हो रहा है. उन्होंने कहा मंडी प्रशासन और सरकार की तरफ से किसानों के लिए मंडी में अच्छे प्रबंध किए गए हैं वह भी अपनी एक एकड़ की सरसों की फसल को लेकर मंडी में पहुंचे थे और उनकी फसल को एमएसपी पर खरीदा गया.