
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में अचानक बेमौसम बारिश, तेज आंधी और ओलों ने किसानों पर जमकर कहर बरपाया है. इस बारिश के बाद किसानों का कहना है कि खेतों में गेहूं की फसल पकी खड़ी है, चना, सरसों कटने की स्थिति में है. लेकिन बेमौसम बारिश और ओले ने सब कुछ बर्बाद कर दिया. बारिश और ओलों से परेशान किसानों ने सरकार से सर्वे कराकर मदद की गुहार लगाई है. वहीं, CM योगी आदित्यनाथ ने भी बीते दिन सभी अफसरों को तत्काल जांच कर राहत देने के आदेश दिए थे.
लेकिन CM योगी का आदेश बेअसर साबित हो रहा है. किसानों ने कहा कि अब तक सर्वे क्या कोई पूछने तक नहीं आया है. वहीं, ADM कुमार धर्मेंद्र ने सभी SDM को निर्देश दिए कि जांच और जल्द से जल्द सर्वे कराकर रिपोर्ट भेजी जाए, जिससे पीड़ित किसानों को मुआवजे देने की प्रक्रिया शुरू की जाए और सरकार को अवगत कराया जा सके.
दरअसल, अचानक मौसम ने करवट बदल ली, तेज बारिश, हवाओं, गरज चमक के साथ ओलावृष्टि शुरू हो गई. जिससे खेतों में पकी खड़ी फसल को नुकसान हुआ है. तिंदवारी थाना के दर्जनों गांवों तेरहि माफी, परसौड़ा, मिरगहनी, मुंगुस सहित कई गांवों में बड़े-बड़े ओले गिरे हैं, हालात ऐसे थे कि मिनटों में ओलों के गिरने से सड़क में सफेद चादर जैसी बिछ गई. किसानों का कहना है कि गेहूं, चना, सरसों, दलहनी फसलों को बहुत नुकसान हुआ है.
इस बीच किसानों की मांग ये है कि सरकार सर्वे कराकर हमें मुआवजा प्रदान करें. दर्जनों किसानों की सैकड़ों बीघे फसल बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की चपेट में आई है. किसानों का यह भी कथित तौर पर कहना है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने आदेश दिया था कि अधिकारियों से जल्द सर्वे कराकर मुआवजा दिया जाए, लेकिन अब तक किसी ने सुध नहीं ली है.
ADM कुमार धर्मेंद्र ने बताया कि जानकारी हुई है, हमने सभी SDM को निर्देश दिए हैं कि जहां-जहां जिस गांव में बारिश और ओले गिरे हैं, वहां सर्वे कराया जाए, जो भी नुकसान हुआ हो उसकी रिपोर्ट बनाई जाए, ताकि सरकार को भेजकर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा.