
दक्षिण के राज्य तेलंगाना के किसानों के लिए खुशखबरी है. यहां कपास की सरकारी खरीद शुरू हो गई है. मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी कि MSP पर कपास की खरीद की जा रही है. केंद्र सरकार ने 2024-25 फसल सीजन के लिए मध्यम किस्म केक कपास के लिए 7,121 रुपये प्रति क्विंटल और लंबी किस्म के लिए 7,521 रुपये प्रति क्विंटल का एमएसपी घोषित किया है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 7 प्रतिशत अधिक है.
तेलंगाना में कपास की खरीद कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) कर रहा है. सीसीआई ने पिछले सप्ताह तेलंगाना में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फाइबर फसल की खरीद शुरू की है. CCI के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक ललित कुमार गुप्ता ने कहा कि अब तक तेलंगाना में MSP पर लगभग 600 गांठ कपास की खरीद की जा चुकी है. गुप्ता ने 'बिजनेसलाइन' से कहा, "हमें दिवाली के बाद भारी आवक की उम्मीद है और हमें सभी प्रमुख कपास वाले राज्यों में खरीद करना पड़ सकता है." उन्होंने कहा कि CCI खरीद के लिए तैयार है.
फिलहाल देश के अलग-अलग राज्यों में कपास की कीमतें एमएसपी स्तर से थोड़ा ऊपर चल रही हैं और आने वाले दिनों में जब इसकी आवक बढ़ेगी तो कीमतों पर दबाव पड़ने की संभावना है. खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में हाल ही में की गई वृद्धि के कारण कपास की कीमतों में मजबूती देखी जा रही है. यही वजह है कि कपास की कीमतें एमएसपी स्तर से कुछ ऊपर चल रही हैं. केंद्र ने मध्यम फाइबर के लिए कीमत 7,121 रुपये प्रति क्विंटल और 2024-25 फसल सीजन के लिए 7,521 रुपये प्रति क्विंटल का एमएसपी घोषित किया है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 7 प्रतिशत की वृद्धि है.
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गुप्ता ने कहा कि चालू मार्केटिंग सीजन 2024-25 में सीसीआई 170 किलो वजन वाली 50-70 लाख गांठों की खरीद कर सकता है, जो पिछले साल की 33 लाख गांठों की खरीद से अधिक है. सीसीआई के पास पिछले सीजन का 15 लाख गांठों का स्टॉक भी है. हाल ही में हुई बारिश के कारण कुछ राज्यों में कपास पर असर पड़ा है. इसे देखते हुए नई आवक को लेकर मिल मालिकों में कपास की क्वालिटी के बारे में चिंता फैली हुई है. पिछले साल कपास की क्वालिटी में कोई गिरावट नहीं थी क्योंकि बारिश से फसल को कोई नुकसान नहीं हुआ था. यही वजह है कि पुराने कपास की बेहतर मांग है. गुप्ता ने कहा, "हमें पुराने कपास की अच्छी मांग दिख रही है."
कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएआई) के आंकड़ों के अनुसार, देश भर में हर दिन बाजार में इसकी आवक 170 किलो वजन वाली 1 लाख गांठों को पार कर गई है और शुक्रवार 25 अक्टूबर तक कुल आवक 12.73 लाख गांठों की रही. हाल ही में सीएआई ने अनुमान लगाया है कि इस साल उत्पादन में 7 प्रतिशत की गिरावट आएगी और यह 302.25 लाख गांठ (प्रत्येक गांठ 170 किलोग्राम) रह जाएगी. ऐसा कुछ इलाकों में फसल पर खराब मौसम और कम रकबे के कारण हो सकता है. पिछले सीजन में उत्पादन 325.29 लाख गांठ हुआ था.
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