
बिहार सरकार और वसंतदादा शुगर संस्थान (VSI) के बीच समझौते से गन्ना और चीनी उद्योग को नई दिशा मिलेगी. बंद चीनी मिलों को फिर शुरू करने, उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि पर जोर दिया जाएगा.
बिहार के गन्ना और चीनी उद्योग को नई ऊर्जा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है. गन्ना उद्योग विभाग, बिहार सरकार और वसंतदादा शुगर संस्थान (VSI), पुणे के बीच मंगलवार को महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए. इस साझेदारी से बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने, गन्ना उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि की नई उम्मीद जागी है.
विकास भवन, पटना में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने की. इस समझौते को बिहार के गन्ना क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताया जा रहा है. मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में चल रहे 'सात निश्चय-3' के लक्ष्य को पूरा करने में यह साझेदारी अहम भूमिका निभाएगी.
मंत्री ने कहा कि VSI की तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग करके राज्य में आधुनिक गन्ना खेती, चीनी मिलों का आधुनिकीकरण और नए गन्ना आधारित उद्योग लगाए जाएंगे. इससे किसानों को बेहतर नस्ल के गन्ने, उन्नत तकनीक और बेहतर बाजार मिल सकेगा.
वसंतदादा शुगर संस्थान के महानिदेशक संभाजी कडुपाटिल ने कहा कि बिहार में गन्ना क्षेत्र की अपार संभावनाएं हैं. संस्थान अपनी अनुसंधान क्षमता, उन्नत गन्ना प्रजातियों और आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से बिहार को पूर्ण सहयोग देगा.
MoU के तहत गन्ना उत्पादन बढ़ाने, रोग प्रतिरोधी नई किस्में विकसित करने, चीनी मिलों के आधुनिकीकरण, बंद मिलों को फिर से चालू करने, किसानों और अधिकारियों के प्रशिक्षण और गन्ना क्षेत्र विस्तार जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य संयुक्त रूप से किए जाएंगे.
ईखायुक्त अनिल कुमार झा ने इस साझेदारी को बिहार के गन्ना किसानों के लिए बेहद फायदेमंद बताया. उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन से गन्ने की उत्पादकता बढ़ेगी, जिससे किसानों की आय में सीधा इजाफा होगा.
बैठक में बताया गया कि बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से शुरू करने, नई औद्योगिक इकाइयों को लगाने और गन्ना किसानों को वैज्ञानिक तरीके से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. इससे ना सिर्फ गन्ना उत्पादन बढ़ेगा बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
यह समझौता बिहार को गन्ना और चीनी क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है. राज्य सरकार का प्रयास है कि आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन और किसान-केंद्रित नीतियों के जरिए गन्ना उद्योग को नई उड़ान दी जाए.
कार्यक्रम में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, चीनी उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि और मीडिया प्रतिनिधि भी उपस्थित थे. इस साझेदारी से बिहार के गन्ना किसानों को नई उम्मीद और नई दिशा मिलने की संभावना है.