
महाराष्ट्र के अकोला जिले में अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. तेज आंधी और बारिश ने शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी जनजीवन को प्रभावित किया है. मौसम में आए इस अचानक बदलाव के कारण कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जिससे खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है. सबसे अधिक असर केले की खेती करने वाले किसानों पर पड़ा है, जिनकी फसल तेज हवाओं के कारण बुरी तरह प्रभावित हुई है.
ग्रामीण क्षेत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर हजारों हेक्टेयर में लगे केले के पौधे जमीन पर गिर गए. कुछ बागानों में पेड़ जड़ समेत उखड़ गए, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है. किसानों ने बताया कि कुछ दिन पहले भी जिले में आंधी और बारिश का दौर चला था, जिसमें केले की फसल को काफी नुकसान हुआ था. उस नुकसान की भरपाई किसान अभी तक नहीं कर पाए थे कि एक बार फिर मौसम की मार ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं.
रोते बिलखते केला उत्पादक किसानों ने बताया कि लगातार प्राकृतिक आपदाओं के कारण उनकी लागत बढ़ रही है, जबकि उत्पादन प्रभावित होने से आय में कमी आ रही है. कई किसानों ने कर्ज लेकर खेती की है और अब फसल खराब होने से उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है. किसानों ने सरकार और प्रशासन से तत्काल नुकसान का सर्वे करवाने और उचित मुआवजा देने की मांग की है.
किसानों का कहना है कि यदि समय पर सहायता नहीं मिली तो उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक कमजोर हो सकती है. उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द पंचनामा कर राहत राशि उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि नुकसान की कुछ भरपाई हो सके. वहीं, प्रशासन की ओर से फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों से नुकसान की जानकारी जुटाई जा रही है और जल्द ही नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए किसानों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह भी दी गई है. लगातार बदलते मौसम और बार-बार आ रही आंधी-बारिश ने अकोला के किसानों की चिंता बढ़ा दी है. अब सभी की निगाहें मौसम के अगले रुख और सरकार की राहत व्यवस्था पर टिकी हुई है.