Gujarat Farmers: गुजरात के अमरेली में इस बार रबी सीजन में हुई 133 फीसदी ज्‍यादा खेती, जानें कैसे  

Gujarat Farmers: गुजरात के अमरेली में इस बार रबी सीजन में हुई 133 फीसदी ज्‍यादा खेती, जानें कैसे  

इस रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी के मुख्य कारणों में पिछले दिनों हुई भारी बेमौसम बारिश से पानी का जमा होना, किसानों की कड़ी मेहनत, साथ ही सरकार की तरफ से दी गई खेती की गाइडेंस और अलग-अलग स्कीमों का अहम योगदान भी बड़ा कारण माना जा रहा है.

क‍िसान तक
  • New Delhi ,
  • Jan 05, 2026,
  • Updated Jan 05, 2026, 6:59 PM IST

गुजरात के अमरेली जिले में रबी सीजन 2025-26 के दौरान हुई बुआई पर राज्‍य सरकार ने एक रिव्यू किया है. इस रिव्‍यू के अनुसार इस बार जिले में रबी का बुआई एरिया बढ़ने की उम्‍मीद है. जिले में पिछले तीन सालों में औसतन अनुमानित कुल बुआई एरिया 1,84,108 हेक्टेयर के मुकाबले इस साल अनुमानित 2,45,077 हेक्टेयर बुआई दर्ज की गई है.यह अमरेली जिले में रबी सीजन के लिए अब तक की सबसे ज्‍यादा बुआई का आंकड़ा है.इस बारे में डिस्ट्रिक्ट एग्रीकल्चर ऑफिसर का कहना है कि पिछले सालों के मुकाबले इस साल रबी सीजन में 133 परसेंट से ज़्यादा बुआई दर्ज की गई है. 

कौन-कौन फसलें बोई गईं 

पूरे राज्य की तुलना में अमरेली जिले ने रबी सीजन में बुवाई के मामले में तीसरा स्थान हासिल किया है. साथ ही यहां पर चना और प्याज की फसलों की बुवाई में भी काफी बढ़ोतरी हुई है. इन फसलों में पूरे राज्य में जिले को पहला स्थान मिला है. जिले में रबी सीजन में मुख्य फसलों के अनुमानित बुवाई क्षेत्र के अनुसार, चना की फसल 1,11,333 हेक्टेयर, गेहूं की फसल 64,959 हेक्टेयर, प्याज-लहसुन की फसल 22,081 हेक्टेयर, धनिया की फसल 15,252 हेक्टेयर और जीरा की फसल 6,907 हेक्टेयर में बोई गई है. 

कहां पर कितनी बुवाई 

रबी सीजन 2025-26 के दौरान बोए गए कुल एरिया की जानकारी के मुताबिक, सावरकुंडला तालुका में लगभग 40,541 हेक्टेयर, बाबरा तालुका में 38,256 हेक्टेयर, धारी तालुका में 29,364 हेक्टेयर, अमरेली तालुका में 27,858 हेक्टेयर, कुंकावाव-वाडिया तालुका में 25,834 हेक्टेयर, खंभा तालुका में 20,861 हेक्टेयर, राजुला तालुका में 18,418 हेक्टेयर, बगसरा तालुका में 17,946 हेक्टेयर, लाठी तालुका में 17,042 हेक्टेयर, जाफराबाद तालुका में 6,005 हेक्टेयर और लिलिया तालुका में 2,952 हेक्टेयर में रबी की फसलें बोई गई हैं.

इस रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी के मुख्य कारणों में पिछले दिनों हुई भारी बेमौसम बारिश से पानी का जमा होना, किसानों की कड़ी मेहनत, साथ ही सरकार की तरफ से दी गई खेती की गाइडेंस और अलग-अलग स्कीमों का अहम योगदान भी बड़ा कारण माना जा रहा है. 

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