बेमौसम बारिश से तबाही: राकेश टिकैत ने मांगा मुआवजा, पंजाब में राहत की उठी मांग

बेमौसम बारिश से तबाही: राकेश टिकैत ने मांगा मुआवजा, पंजाब में राहत की उठी मांग

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल नुकसान के बीच राकेश टिकैत ने किसानों के लिए तत्काल मुआवजा और राहत की मांग की है. पंजाब में गिरदावरी के आदेश जारी कर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया गया है.

क‍िसान तक
  • New Delhi ,
  • Apr 10, 2026,
  • Updated Apr 10, 2026, 7:49 PM IST

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के बीच भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने केंद्र और राज्य सरकारों से प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा और राहत देने की मांग की है.

मोगा में आयोजित एक सेमिनार के दौरान पत्रकारों से बातचीत में टिकैत ने कहा कि पंजाब के किसान पहले ही पिछले साल आई भीषण बाढ़ के असर से उबर नहीं पाए हैं, और अब बेमौसम बारिश ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं.

नुकसान का सर्वे करने की मांग

इस बीच, गुरमीत सिंह खुड्डिया ने केंद्र सरकार से राज्य में गेहूं और अन्य रबी फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए उच्च-स्तरीय टीम भेजने की मांग की है. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने फसल नुकसान का आकलन करने के लिए विशेष गिरदावरी के आदेश पहले ही जारी कर दिए हैं.

टिकैत ने कहा कि पिछले साल बाढ़ से हुए भारी नुकसान के बावजूद किसानों को अपेक्षित राहत नहीं मिली. उन्होंने आरोप लगाया कि किसान अपनी उपज मंडियों तक तो ले जाते हैं, लेकिन उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल पाता.

सेमिनार में भारतीय किसान यूनियन (लखोवाल) के नेता हरिंदर सिंह लखोवाल सहित कई किसान नेताओं और कृषि विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया. इस दौरान किसानों की समस्याओं, कर्ज के बढ़ते बोझ और गिरते भूजल स्तर जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई.

प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील

टिकैत ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने और रासायनिक खेती पर निर्भरता कम करने की अपील भी की.

टिकैत ने इस बात की ओर ध्यान दिलाया कि एक कृषि-प्रधान राज्य होने के बावजूद, पंजाब के किसान भारी कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं, और उन्होंने किसानों को इस स्थिति से बाहर निकालने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की.

फसल नुकसान की जानकारी देते हुए खुड्डिया ने कहा, पंजाब के कई हिस्सों में बारिश हुई है, जिससे गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है. चूंकि मौसम अभी भी खराब है, इसलिए नुकसान का सही-सही आकलन अभी तक नहीं हो पाया है.

बारिश के कारण लगभग 1.25 लाख एकड़ जमीन पर लगी फसल को नुकसान पहुंचा है. नुकसान का सही आकलन करने के लिए हमने लगभग 500 कर्मचारियों को तैनात किया है.

फाजिल्का में सबसे ज्यादा 45,000 एकड़ फसल को नुकसान पहुंचा है, जबकि मुक्तसर साहिब में 23,000 एकड़ फसल खराब हुई है.

मुख्यमंत्री ने फसल को हुए नुकसान का आकलन करने की घोषणा की है, ताकि किसानों को हुए नुकसान की भरपाई की जा सके.

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