महाराष्ट्र में फसल पंचनामे का 45 फीसदी काम पूरा, सूखा प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले मिलेगा पैसा

महाराष्ट्र में फसल पंचनामे का 45 फीसदी काम पूरा, सूखा प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले मिलेगा पैसा

महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित किसानों के लिए राहत की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि 45 फीसदी फसल नुकसान के पंचनामे पूरे हो चुके हैं. सरकार दिवाली से पहले प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता देने की तैयारी में है. केंद्रीय टीम भी जल्द सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा करेगी.

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • Oct 07, 2026,
  • Updated Oct 07, 2026, 12:02 PM IST

महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि राज्य के सूखा प्रभावित इलाकों में फसल नुकसान के आकलन का 45 फीसदी काम पूरा हो चुका है. उन्होंने अधिकारियों को बाकी पंचनामे का काम तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं. सरकार का लक्ष्य प्रभावित किसानों तक दिवाली से पहले आर्थिक सहायता पहुंचाना है. मुंबई में सूखे की स्थिति की समीक्षा बैठक के बाद चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि सरकार पंचनामों की जांच कर रही है, ताकि फसल नुकसान का आकलन सही तरीके से हो सके. बैठक में जल भंडारण, फसल नुकसान और किसानों को राहत देने के उपायों पर चर्चा हुई.

केंद्रीय टीम भी करेगी दौरा

मंत्री ने बताया कि  महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम अगले दो दिनों में राज्य का दौरा कर सकती है. यह दौरा 10 या 12 अक्टूबर को संभावित है. तीन टीमें बीड-धाराशिव, यवतमाल-वाशिम और अहिल्यानगर-सोलापुर जिलों का निरीक्षण कर सकती हैं.

265 तालुकों में सूखा घोषित

महाराष्ट्र सरकार ने 26 सितंबर को राज्य के 358 में से 265 तालुकों में सूखा घोषित किया था. यह राज्य के करीब 74 फीसदी तालुकों के बराबर है. सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों के लिए फसल ऋण पुनर्गठन, भू-राजस्व में रियायत और बिजली बिल में सब्सिडी समेत कई राहत उपायों की घोषणा की है. सूखा प्रभावित तालुकों की संख्या के मामले में छत्रपति संभाजीनगर डिवजिन सबसे आगे है, जहां 74 तालुके सूची में शामिल हैं.

इसके बाद अमरावती में 56, नासिक में 49, नागपुर में 39 और पुणे में 35 तालुके प्रभावित घोषित किए गए हैं. ठाणे संभाग में 12 तालुके शामिल हैं, जिनमें रायगढ़ का एक, रत्नागिरी के तीन और सिंधुदुर्ग के आठ तालुके हैं. सरकार ने निर्माण कार्यों में पीने योग्य या ट्रीटेड पेयजल के इस्तेमाल पर रोक लगाने का फैसला किया है. मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि निर्माण कार्यों के लिए केवल सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से ट्रीट किए गए पानी का इस्तेमाल किया जा सकेगा.

कर्ज वसूली को लेकर बैंकों को निर्देश

बैठक में सूखे के बीच किसानों से कर्ज की वसूली को लेकर मिल रही शिकायतों पर भी चर्चा हुई. चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि जिन किसानों ने पहले ही फसल लोन लिया है, उनसे बार-बार दस्तावेज नहीं मांगे जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि सूखे की स्थिति में कर्ज चुकाने के लिए किसानों से संपर्क करने पर राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों के साथ निजी साहूकारों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.

गांव स्तर पर पूरे होंगे रिकॉर्ड और KYC

सरकार ने कर्जमाफी योजनाओं के तहत पात्र किसानों को लाभ दिलाने के लिए गांववार वारिस रिकॉर्ड और KYC की प्रक्रिया पूरी करने का फैसला किया है. मंत्री ने कहा कि जिन किसानों का AgriStack में पंजीकरण नहीं है, उन्हें भी राहत उपायों के दायरे में शामिल किया जाएगा. वहीं, क्लास-II श्रेणी के किसानों को भी AgriStack से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे.

चारे की उपलब्धता पर भी फोकस

सूखे के बीच पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई. सरकार अब केवल चारा शिविरों पर निर्भर रहने के बजाय ग्राम पंचायतों के माध्यम से चारा डिपो बनाने की योजना पर काम करेगी. जल स्रोतों के आसपास वन भूमि, परती जमीन और सरकारी जमीन पर घास के मैदान विकसित कर चारा बैंक बनाने की भी योजना है.

सरकार विदर्भ और कोंकण क्षेत्रों से मिलने वाले धान के पुआल को संग्रहित करेगी. इसका इस्तेमाल पशु आहार तैयार करने में किया जाएगा. सरकार का कहना है कि इससे सूखा प्रभावित क्षेत्रों में चारे की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी.

दिवाली से पहले राहत पहुंचाने पर जोर

राजस्‍व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि फसल नुकसान का आकलन जल्द पूरा करने की प्रक्रिया तेज की जा रही है, ताकि प्रभावित किसानों तक राहत पहुंचाई जा सके. सरकार ने दिवाली से पहले किसानों को आर्थिक सहायता देने का लक्ष्य रखा है. (पीटीआई)

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