Paddy Procurement: हरियाणा में धान की धीमी खरीद पर भड़के पूर्व CM, नमी की जांच पर भी उठाए सवाल

Paddy Procurement: हरियाणा में धान की धीमी खरीद पर भड़के पूर्व CM, नमी की जांच पर भी उठाए सवाल

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आरोप लगाया कि मंडियों में पहुंचे 12 लाख मीट्रिक टन धान में से केवल 30% की खरीद हुई है. उन्होंने दावा किया कि किसान MSP से 400 रुपये प्रति क्विंटल तक कम भाव पर धान बेचने को मजबूर हैं.

bupinder singh hodda uklana mandi visitbupinder singh hodda uklana mandi visit
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Oct 11, 2026,
  • Updated Oct 11, 2026, 11:50 AM IST

हरियाणा की अनाज मंडियों में धान खरीद को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने दावा किया कि मंडियों में पहुंच चुके 12 लाख मीट्रिक टन धान में से अब तक केवल 30 प्रतिशत की खरीद हुई है, जबकि 70 प्रतिशत धान की खरीद बाकी है. पूर्व‍ सीएम हुड्डा ने आरोप लगाया कि सरकारी खरीद में देरी और प्रशासनिक अड़चनों के कारण किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम कीमत पर अपनी फसल बेचनी पड़ रही है.

मंडियों में 70 फीसदी धान की खरीद बाकी

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने शनिवार को आरोप लगाया कि हरियाणा की मंडियों में धान की आवक के मुकाबले सरकारी खरीद काफी धीमी है. उन्होंने कहा कि अब तक खरीदे गए धान में से केवल 17 प्रतिशत का ही उठान हुआ है. ऐसे में मंडियों में जगह की कमी हो रही है और नई फसल के भंडारण में परेशानी आ रही है.

पोर्टल और सत्यापन जैसी अड़चनों का आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी सरकार किसानों से धान खरीदने के बजाय उन्हें प्रशासनिक प्रक्रियाओं में उलझा रही है. उन्होंने पोर्टल से जुड़ी समस्याओं, सत्यापन, गेट पास, कैपिंग और खरीद की लिमिट जैसी अड़चनों का जिक्र किया. उन्होंने राज्य की कई अनाज मंडियों का दौरा किया है, जहां किसानों ने उन्हें बताया कि सरकारी खरीद नहीं होने के कारण उन्हें अपनी उपज कम दाम पर बेचनी पड़ रही है.

MSP से 400 रुपये तक कम पर धान बेचने का दावा

पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि किसान धान को MSP से 400 रुपये प्रति क्विंटल तक कम कीमत पर बेचने को मजबूर हैं. उन्होंने कहा कि बाजरे के किसानों को भी मानक कीमत से 800 से 900 रुपये प्रति क्विंटल तक कम भाव मिल रहा है. मुख्यमंत्री ने चुनाव के दौरान धान की खरीद 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करने की घोषणा की थी. लेकिन किसानों को 2,441 रुपये प्रति क्विंटल का तय MSP भी नहीं मिल पा रहा है.

मूंग और बाजरा किसानों को नुकसान का दावा

पूर्व सीएम ने मूंग की खरीद का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इसका MSP 8,780 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन सरकारी खरीद की कमी के कारण किसानों को 1,500 से 1,600 रुपये प्रति क्विंटल तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि बाजरा किसान भी नुकसान झेल रहे हैं और उन्हें अपनी उपज 2,000 रुपये प्रति क्विंटल तक की कीमत पर बेचनी पड़ रही है. इससे बाजरा किसानों को करीब 900 रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान हो रहा है.

उकलाना मंडी में नमी जांचने वाली मशीनों पर सवाल

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हिसार जिले की उकलाना अनाज मंडी का उदाहरण देते हुए धान की नमी जांचने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए. उन्होंने बताया कि सरकारी एजेंसी के पास उपलब्ध तीन मशीनों से एक ही किसान के धान के नमूने की जांच की गई, लेकिन तीनों मशीनों ने नमी की अलग-अलग रीडिंग दी. हुड्डा ने आरोप लगाया कि इस तरह की विसंगतियों का इस्तेमाल किसानों की उपज खरीदने से बचने और उन्हें MSP के लाभ से वंचित करने के लिए किया जा रहा है.

खाद की उपलब्धता को लेकर भी सरकार पर आरोप

हुड्डा ने हरियाणा में किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिलने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि अक्टूबर महीने के लिए राज्य को 3.50 लाख मीट्रिक टन यूरिया आवंटित किया गया था, लेकिन अब तक इसमें से केवल 67,000 मीट्रिक टन यूरिया ही उठाया गया है. इसी तरह, राज्य के लिए 1.50 लाख मीट्रिक टन डीएपी (डाई-अमोनियम फॉस्फेट) का आवंटन हुआ था, लेकिन अब तक केवल 38,000 मीट्रिक टन डीएपी का ही उठान किया गया है. (पीटीआई)

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