औरैया में DM की अनोखी पहल, किसानों के लिए शुरू किया ‘गोबर एक्सचेंज ऑफर’

औरैया में DM की अनोखी पहल, किसानों के लिए शुरू किया ‘गोबर एक्सचेंज ऑफर’

औरैया जिले के जिला अधिकारी इंद्रमणि त्रिपाठी की ये पहल किसानों के लिए काफी सराहनीय है. बता दें कि किसानों द्वारा धान की पराली जलाने से सबसे ज्यादा प्रदूषण होता है. साथ ही पराली जलाने को लेकर किसानों से जुर्माना भी बसूला जाता है.

औरैया में DM की अनोखी पहलऔरैया में DM की अनोखी पहल
क‍िसान तक
  • Auraiya ,
  • Nov 18, 2024,
  • Updated Nov 18, 2024, 4:34 PM IST

उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में पराली न जलाने के लिए एक अनोखा पहल अपनाया गया है. वहां के जिला अधिकारी की ओर से किसानों के लिए एक अच्छी योजना चलाई गई है, जहां किसानों को पराली जलाने से निजात मिल जाएगी और किसानों को पराली के बदले गोबर की खाद दी जाएगी. जिले के किसान गौशालाओं से पराली बदले में गाय का गोबर खाद के तौर पर ले जाएंगे. यह सब औरैया जिला अधिकारी द्वारा किसानों के लिए बेहतर विकल्प के तौर पर किया गया है. जिससे किसान पराली न जला सके और जुर्माना देने से बच जाएं.  

पराली के बदले मिलेगा गोबर

औरैया जिले के जिला अधिकारी इंद्रमणि त्रिपाठी की ये पहल किसानों के लिए काफी सराहनीय है. बता दें कि किसानों द्वारा धान की पराली जलाने से सबसे ज्यादा प्रदूषण होता है. साथ ही पराली जलाने को लेकर किसानों से जुर्माना भी बसूला जाता है. इन सबसे बचने के लिए प्रशासन द्वारा ये स्कीम अच्छी है. इस स्कीम के जरिए किसानों को दो ट्राली पराली यानी फसल अवशेष गौशालाओं में देकर एक ट्राली गोबर की खाद ली जा सकती है, जिससे किसानों के खेतों में खाद की कमी भी नहीं होगी और गोबर बेचकर कमाई भी की जा सकती है.

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जिला अधिकारी ने दिए आदेश

‘आजतक’ की टीम जब गौशालाओं में पहुंची तो प्रधान ने बताया कि लोगों को खेतों से पराली लानी पड़ रही है जिसको किसान खुद से नहीं ले आ रहे हैं. किसानों का कहना है कि वो लोग पराली लेकर आएंगे तो उनका भाड़ा लगेगा. जिसको लेकर जिला अधिकारी ने बताया कि प्रधान के द्वारा खेतों में जेसीबी मशीन की व्यवस्था कराई जाए, जिससे पराली की लोडिंग हो सके और किसानों का भाड़ा न लगे.

पराली जलाने पर बढ़ा जुर्माना

बता दें कि पराली जलाने से किसानों को रोकने के लिए सरकार की ओर से देश के अन्य राज्यों में भी कई प्रोत्साहन कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिसमें कई जगह किसानों को पराली न जलाने पर पैसे भी दिए जा रहे हैं. इस बीच, केंद्र सरकार की ओर से फसल अवशेष जलाने पर जुर्माना बढ़ा दिया गया है. उन्होंने बताया कि नए नियमों के अनुसार, 2 एकड़ से कम जमीन वाले किसानों पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा, जबकि 2 से 5 एकड़ के बीच की जमीन के लिए 10,000 रुपये और 5 एकड़ से अधिक जमीन के लिए 30,000 रुपये का जुर्माना तय किया गया है. (सूर्या शर्मा की रिपोर्ट)

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