Pulses Fodder: दलहनी चारा खि‍लाने से फायदे की जगह कहीं नुकसान न होने लगे, पढ़ें एक्सपर्ट टिप्स 

Pulses Fodder: दलहनी चारा खि‍लाने से फायदे की जगह कहीं नुकसान न होने लगे, पढ़ें एक्सपर्ट टिप्स 

Pulses Fodder पूरे साल कभी मौसम तो कभी डिमांड के चलते दाना महंगा हो जाता है. इसलिए कई बार दाना कम करते हुए उसकी भरपाई के लिए दलहनी चारा खि‍लाने की सलाह दी जाती है. लेकिन थोड़े से लालच के चलते पशुपालक पशुओं को कुछ ज्यादा ही दलहनी चारा खि‍ला देते हैं. जिसके चलते पशुओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. 

पशुओं को खिलाएं ये हरा चारापशुओं को खिलाएं ये हरा चारा
नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Jan 16, 2026,
  • Updated Jan 16, 2026, 8:51 AM IST

Pulses Fodder गाय-भैंस से ज्यादा और क्वालिटी वाला दूध चाहिए तो फिर उनकी खुराक अच्छी होनी चाहिए. मौसम के हिसाब से खुराक में भी बदलाव होना चाहिए. ऐसा नहीं कि जो गर्मियों में खि‍ला रहे हैं तो वो सर्दियों में भी खाने को दे रहे हैं. एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि मौसम, पशु उत्पादन और पशुओं की हालात के हिसाब से उन्हें खुराक की जरूरत होती है. अगर हम इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं तो फिर पशु से ज्यादा और अच्छा प्रोडक्ट मिलने की उम्मीद कम ही रहती है. पशु के हालात और मौसम कैसा भी हो, लेकिन पशुओं को तीन तरह का चारा-दाना खि‍लाना बहुत जरूरी हो जाता है. 

एक्सपर्ट के मुताबिक हरा चारा, सूखा चारा और दाना-मिनरल्स पशुओं की रोजाना की खुराक में शामिल होना चाहिए. लेकिन जरूरत बस इस बात कि है कि मौसम के हिसाब से चारे और मिनरल्स में बदलाव किया जाए. ज्यादा दूध उत्पादन और दूध में मौजूद फैट-एसएनएफ बढ़ाने के लिए भी ऐसा करना जरूरी हो जाता है. ऐसा इसलिए भी किया जाता है, क्योंकि मौसम के हिसाब से चारे, दाना और मिनरल्स के रेट में भी उतार-चढ़ाव होता रहता है. तो इसकी भरपाई के लिए एक्सपर्ट चारे और दाने में बदलाव कराते हैं. 

सर्दियों में पशुओं को ऐसे खि‍लाएं दलहनी चारा 

  • चारा एक्सपर्ट के मुताबिक हरे चारे में नमी की मात्रा बहुत होती है. 
  • हरा चारा पशु ज्यादा खा लेता है तो उसे डायरिया संग और बीमारी भी हो जाती हैं. 
  • चारे में शामिल नमी के चलते दूध की क्वालिटी खराब हो जाती है. 
  • जब पशु हरा चारा खाए, बाहर चरने जा रहा हो तो उसे सूखा चारा, दाना खि‍ला दें. 
  • सूखा चारा हरे चारे में मौजूद नमी के लेवल को सामान्य कर देता है. 
  • दाना खि‍लाने से दूध में फैट बढ़ने के साथ ही उसकी क्वालिटी और बेहतर हो जाती है. 

हरे चारे पशु का पेट खराब हो तो ये है इलाज 

  • हरा, सूखा चारा, दाना पशु की उम्र, वजन और उसका उत्पादन देखकर दिया जाता है. 
  • जो पशु उत्पादन नहीं कर रहा है उसे जिंदा और हेल्दी रखने के नियमानुसार डाइट दी जाती है. 
  • जब दाने की जगह दलहनी हरा चारा खिलाया जाए तो कुछ खास बातों का ख्याल रखें. 
  • अगर ज्यादा हरा चारा खाने से दस्त हो जाएं तो फौरन डाक्टर से सलाह लें. 
  • पेट में अफरा हो तो बड़े पशु को 500 ग्राम सरसों के तेल में 50 ग्राम तारपीन का तेल मिलाकर पिलाएं. 
  • पशुओं को नुकसान से बचाने के लिए दलहनी हरे चारे को थोड़ा सा सुखाकर खिलाएं.

निष्कर्ष-

अक्सर ऐसा होता है कि सर्दियों के मौसम में दाना महंगा हो जाता है. लेकिन ज्यादा और क्वालिटी के दूध उत्पादन के लिए दाने वाले पोषण की बहुत जरूरत होती है. बस इसी की भरपाई के लिए दाने की जगह दलहनी चारा खि‍लाना बहुत जरूरी हो जाता है. लेकिन ऐसा करते वक्त एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें.  

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