नंदिनी दूध 8 रुपये महंगा, फिर भी 7 राज्यों से सस्ता... किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

नंदिनी दूध 8 रुपये महंगा, फिर भी 7 राज्यों से सस्ता... किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

कर्नाटक में 1 नवंबर से नंदिनी दूध की कीमत 8 रुपये प्रति लीटर बढ़ जाएगी. इसके बावजूद नंदिनी शुभम (4.5% फैट) की कीमत कई राज्यों के मुकाबले कम रहेगी. बढ़ी हुई राशि में से 7 रुपये सीधे किसानों को मिलेंगे, जिससे उनका खरीद मूल्य 42 रुपये प्रति लीटर हो जाएगा. जानिए देश के विभिन्न राज्यों में दूध की कीमतों की तुलना और इस फैसले का किसानों व उपभोक्ताओं पर असर.

Mumbai Milk Price HikeMumbai Milk Price Hike
सगय राज
  • बेंगलुरु,
  • Oct 30, 2026,
  • Updated Oct 30, 2026, 5:04 PM IST

कर्नाटक में नंदिनी दूध के दाम बढ़ गए हैं. इसके तहत कर्नाटक मिल्क फेडरेशन ने 8 रुपये प्रति लीटर दाम में बढ़ोतरी की है. इसमें 7 रुपये किसानों को मिलेंगे जबकि 1 रुपया फेडरेशन को जाएगा. नई दरें  1 नवंबर से लागू होंगी. हालांकि 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बावजूद बाकी राज्यों की तुलना में कर्नाटक में दूध के दाम कम हैं. एक विश्लेषण में यह जानकारी सामने आई है. विश्लेषण में शामिल 10 राज्यों में से 7 राज्यों की तुलना में नंदिनी दूध की कीमतें अभी भी कम हैं.

नंदिनी शुभम (4.5% फैट) अब ₹60 प्रति लीटर मिलेगी, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर औसत कीमत ₹62.80 है. ₹8 की इस बढ़ोतरी में से ₹7 सीधे किसानों को मिलेंगे, जिससे उनका आधार खरीद मूल्य ₹35 से बढ़कर ₹42 प्रति लीटर हो जाएगा, जबकि ₹1 दूध यूनियनों को जाएगा.

कर्नाटक सरकार ने इस बढ़ोतरी का बचाव करते हुए उत्पादन और परिवहन लागत में वृद्धि, चारे की कमी और डेयरी किसानों को हो रहे बढ़ते नुकसान का हवाला दिया है.

बाकी राज्यों की तुलना में कर्नाटक में दूध सस्ता

आपको बता दें, कर्नाटक कैबिनेट ने 29 अक्टूबर 2026 को ₹8 प्रति लीटर की बढ़ोतरी को मंजूरी दी, जो 1 नवंबर से लागू होगी. किसानों के लिए आधार मूल्य ₹35 से बढ़कर ₹42 प्रति लीटर हो गया है, और ₹5 के सरकारी प्रोत्साहन (जो पहले जितना ही है) को मिलाकर, किसानों को कुल ₹47 मिलेंगे (जो पहले ₹40 थे). दुग्ध संघों ने ₹8 से ₹10 की मांग की थी, और मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ मांगें तो ₹12 से ₹15 तक भी थीं.

बाकी राज्यों में दूध के दाम की तुलना करें तो दिल्ली NCR में 14 मई 2026 से मदर डेयरी के टोंड दूध के पाउच की कीमत ₹60 है और अमूल ताजा की कीमत भी ₹60 (500 ml के लिए ₹30) है, जबकि नंदिनी के टोंड दूध की कीमत ₹54 है. कर्नाटक में यह कीमत ₹6 कम है.

कर्नाटक के मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा के अनुसार, अन्य राज्यों में दूध की औसत कीमत लगभग ₹56 प्रति लीटर है, जबकि कर्नाटक में दाम बढ़ने से पहले यह ₹46 थी. अब ₹54 की कीमत के साथ, कर्नाटक इस औसत से लगभग ₹2 नीचे है.

किसानों को मिलने वाली रकम 

कर्नाटक में किसानों को ₹35 दिए जा रहे थे, जबकि आंध्र प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में यह रकम ₹41 से ₹42.24 के बीच थी. ₹7 की बढ़ोतरी के बाद यह रकम ₹42 हो गई है, जिससे यह अंतर खत्म हो गया है. यह सबसे अहम बात है, क्योंकि इससे इस सवाल का जवाब मिल जाता है कि 'पैसा आखिर जाता कहां है'.

दूध की कीमतों में राज्यों के बीच बड़ा अंतर

देश के अलग-अलग राज्यों में 4.5 प्रतिशत फैट वाले दूध की कीमतों की तुलना में बड़ा अंतर देखने को मिलता है. अंतरराज्यीय तुलना के लिए कर्नाटक को संदर्भ मानक (बेंचमार्क) माना गया है.

तुलनात्मक आंकड़ों के अनुसार, तमिलनाडु में आविन ब्रांड का 4.5 प्रतिशत फैट वाला दूध सबसे सस्ता है, जिसकी कीमत 46 रुपये प्रति लीटर है. बिहार और गोवा में यह कीमत 60 रुपये प्रति लीटर है, जबकि गुजरात और राजस्थान में 64 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है.

दूसरी ओर, ओडिशा, पंजाब और छत्तीसगढ़ में 4.5 प्रतिशत फैट वाले दूध की कीमत 66 रुपये प्रति लीटर है. आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में उपभोक्ताओं को इसी श्रेणी का दूध 68 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदना पड़ रहा है, जो सूची में सबसे अधिक कीमत है.

आंकड़े बताते हैं कि 4.5 प्रतिशत फैट वाले दूध की कीमतों में राज्यों के बीच 22 रुपये प्रति लीटर तक का अंतर है. इससे डेयरी क्षेत्र की मूल्य निर्धारण नीतियों और स्थानीय बाजार स्थितियों में विविधता स्पष्ट होती है.

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