नंदिनी दूध की कीमत में 8 रुपये की बढ़ोतरी, किसानों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा

नंदिनी दूध की कीमत में 8 रुपये की बढ़ोतरी, किसानों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा

कर्नाटक कैबिनेट ने नंदिनी दूध मूल्य वृद्धि के तहत नंदिनी दूध की कीमत में 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है. राज्य में नंदिनी दूध की मौजूदा कीमत 46 रुपये प्रति लीटर है, जो बढ़कर 54 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी. बढ़ी हुई राशि में से 7 रुपये प्रति लीटर सीधे दुग्ध किसानों को मिलेगा, जबकि 1 रुपये प्रति लीटर कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) को दिया जाएगा. सरकार का कहना है कि यह फैसला डेयरी किसानों की आय बढ़ाने और बढ़ती उत्पादन लागत का बोझ कम करने के लिए लिया गया है.

नंदिनी दूध पर 8 रुपये की बढ़ोतरीनंदिनी दूध पर 8 रुपये की बढ़ोतरी
क‍िसान तक
  • Bengaluru,
  • Oct 29, 2026,
  • Updated Oct 29, 2026, 5:29 PM IST

कर्नाटक कैबिनेट ने नंदिनी दूध की कीमतों में 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है. इसमें से 7 रुपये किसानों को जाएंगे और 1 रुपया दुग्ध संघ (मिल्क फेडरेशन) को मिलेगा. कर्नाटक में अभी नंदिनी दूध की कीमत 46 रुपये प्रति लीटर है. नंदिनी दूध का वर्तमान कीमत 46 रुपये प्रति लीटर है, जो बढ़कर 54 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी. सरकार का मकसद किसानों की आय बढ़ाना और बढ़ती उत्पादन लागत का बोझ कम करना है. 

कर्नाटक के मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों को यह जानकारी दी.

कैबिनेट ने 6 अक्टूबर को ही इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी, लेकिन विधान परिषद चुनावों के कारण लागू आदर्श आचार संहिता की वजह से इसकी घोषणा में देरी हुई. दुग्ध संघों ने पशु आहार, चारे, दवाओं, परिवहन और प्लास्टिक पैकेजिंग की बढ़ती लागत, और सूखे के कारण चारे की कमी का हवाला देते हुए कीमतों में संशोधन की मांग की थी.

बायरे गौड़ा ने कहा, "बेस रेट में 8 रुपये की बढ़ोतरी होगी. हमने सर्वसम्मति से फैसला किया है कि इसमें से 7 रुपये किसानों को दिए जाएंगे और 1 रुपया यूनियन को जाएगा."

उन्होंने आगे बताया कि लगभग 10 लाख किसान परिवार अपनी आजीविका के लिए डेयरी फार्मिंग पर निर्भर हैं, और कई परिवार तो घर के खर्चों और इलाज के बिलों को पूरा करने के लिए इसी आय पर निर्भर रहते हैं.

कीमतों में पिछली बढ़ोतरी

हाल के वर्षों में नंदिनी दूध की कीमतों में यह पांचवीं बढ़ोतरी होगी. 

मार्च 2025 में, कीमतों में 4 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई. जून 2024 में, कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) ने कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की थी, और साथ ही हर खरीदे गए लीटर पर 50 मिलीलीटर अतिरिक्त दूध देने की पेशकश की थी. बाद में, इस अतिरिक्त मात्रा को हटा दिया गया.

नवंबर 2023 में, कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई. इससे पहले नवंबर 2022 में भी इसी तरह की वृद्धि की गई थी.

मिल्क यूनियनों ने 8-10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की मांग की थी. उन्होंने इसके पीछे बढ़ती लागत और सूखे के कारण किसानों को हो रही परेशानियों का हवाला दिया था.

10 रुपये प्रति लीटर दाम बढ़ाने की मांग

किसानों और सहकारी प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री और पशुपालन और सहकारिता से जुड़े मंत्रियों के साथ हुई बैठकों में शुरुआत में कम से कम 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की मांग की थी.

गौड़ा ने बताया, "हालांकि किसानों ने 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की मांग की थी, लेकिन यह माना गया कि इतनी ज्यादा बढ़ोतरी नहीं की जा सकती." उन्होंने बताया कि विचार-विमर्श के बाद कैबिनेट ने 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का फैसला किया.

इस नई व्यवस्था के तहत, किसानों को मिलने वाली कीमत 35 रुपये से बढ़कर 42 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी. राज्य सरकार की ओर से पहले से दिया जा रहा 5 रुपये प्रति लीटर का प्रोत्साहन (इंसेंटिव) भी जारी रहेगा. इस तरह, प्रोत्साहन को मिलाकर किसानों को कुल 47 रुपये प्रति लीटर मिलेंगे. गौड़ा ने कहा कि इस कदम से लाखों किसान परिवारों को फायदा होगा.

कैबिनेट ने 6 अक्टूबर को ही इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी, लेकिन इसकी घोषणा में देरी हुई क्योंकि विधान परिषद चुनावों के कारण आदर्श आचार संहिता लागू थी.

(नागार्जुन द्वारकानाथ का इनपुट)

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