
अमेरिका ने जब टैरिफ बढ़ाने का ऐलान किया था तो देश के हर एक कारोबारी सेक्टर में हलचल मच गई थी. कई तो इतने परेशान हो उठे थे कि उन्हें अपना कारोबार अंधकार में नजर आने लगा था. ऐसा ही एक सेक्टर था सीफूड एक्सपोर्ट का. और सीफूड में भी खासतौर पर झींगा की बिक्री का. क्योंकि इसकी बड़ी वजह ये थी कि अमेरिका झींगा का बड़ा खरीदार है. लेकिन अच्छी खबर ये है कि अमेरिकी टैरिफ में हुए बदलावों के बावजूद भारतीय झींगा का बाजार बढ़ रहा है. खुद अमेरिका के बाजारों में अभी भी झींगा की डिमांड बनी हुई है. इतना ही नहीं अमेरिका के अलावा दूसरे देशों के बाजारों में भी झींगा की सप्लाई बढ़ गई है.
इसकी तस्दीक खुद केन्द्र सरकार ने सीफूड एक्सपोर्ट से जुड़ा एक आंकड़ा संसद में रखकर दी है. आंकड़ों के मुताबिक टैरिफ वाली तमाम बंदिशों के बाद भी देश से झींगा का एक्सपोर्ट बढ़ रहा है. आंकड़ों के मुताबिक न सिर्फ झींगा में बढ़ोतरी हुई है, बल्कि सीफूड से जुड़े दूसरे प्रोडक्ट की डिमांड भी इंटरनेशनल बाजार में बढ़ी है. ये तब हुआ है जब अमेरिका ने भारतीय झींगा पर 58.26 फीसद टैरिफ लगाया था. हालांकि इस टैरिफ को कम करने पर भी कुछ बात बनी है.
झींगा किसान और एक्सपर्ट डॉ. मनोज शर्मा ने किसान तक को बताया कि अगर सिर्फ अमेरिका की बात करें तो वहां भारत से झींगा की खरीद करने वाले बहुत पुराने खरीददार हैं. ऐसे में दोनों के बीच लेन-देन और क्वालिटी को लेकर एक भरोसा बना हुआ है. यही वजह है कि टैरिफ बढ़ने के बाद अभी भी बहुत से खरीददार बढ़े हुए दाम पर भारत से ही झींगा ले रहे हैं.
दूसरी ओर अमेरिका और चीन के अलावा और भी बहुत सारे देशों में थोड़ा-थोड़ा झींगा सप्लाई होता था. लेकिन जब से टैरिफ इश्यू हुआ है तो भारत की सरकार और किसानों ने उन देशों के बाजारों पर ज्यादा ध्यान देना शुरू कर दिया है जहां कम मात्रा में एक्सपोर्ट होता था, लेकिन अब वहां लगातार मात्रा बढ़ रही है.
अमेरिका ने भारतीय चीजों के अमेरिकी बाजारों में आने पर 58.26 फीसद टैरिफ लगा दिया था. हालांकि हाल ही में इसे घटाकर 18 फीसद कर दिया गया है. लेकिन 58.26 फीसद टैरिफ ने भारत के बाजारों में खलबली पैदा कर दी थी. इसके बाद भी अब जो खबर आई है वो बेहद खुशी देने वाली है. केन्द्र सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक टैरिफ बढ़ने के बाद भी यूएसए को सीफूड एक्सपोर्ट बढ़ा है.
जैसे साल 2020-21 में 17990 करोड़ रुपये का सीफूड एक्सपोर्ट हुआ था. लेकिन साल 2024-25 में ये बढ़कर 22723 करोड़ रुपये हो गया है. ये तो रहे वैल्यू के आंकड़े, अब अगर मात्रा की बात करें तो साल 2020-21 में 2.91 लाख मीट्रिक टन सीफूड एक्सपोर्ट हुआ था. जब साल 2024-25 में ये बढ़कर 3.46 लाख मीट्रिक टन हो गया है.
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