Sea Food Export: अमेरिकी टैरिफ के बाद भी भारत की सीफूड एक्सपोर्ट में बड़ी छलांग, ये रहे ताजा आंकड़े 

Sea Food Export: अमेरिकी टैरिफ के बाद भी भारत की सीफूड एक्सपोर्ट में बड़ी छलांग, ये रहे ताजा आंकड़े 

Sea Food Export केन्द्रीय मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में सीफूड एक्सपोर्ट का आंकड़ा बढ़ गया है. ये आंकड़ा 35 हजार करोड़ रुपये के मुकाबले 42 हजार करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. भारत 130 देशों को करीब 350 सीफूड आइटम एक्सपोर्ट करता है.  

The fisheries and seafood sector has been diversifying its markets toward Southeast Asia since the Trump administration imposed steep tariffs on the industry. (Image: Unsplash)The fisheries and seafood sector has been diversifying its markets toward Southeast Asia since the Trump administration imposed steep tariffs on the industry. (Image: Unsplash)
नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Jan 12, 2026,
  • Updated Jan 12, 2026, 11:37 AM IST

Sea Food Export फिशरीज सेक्टर के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है. भारत का सीफूड एक्सपोर्ट बढ़ गया है. न सिर्फ कीमत के मामले में बल्कि मात्रा भी टनों के हिसाब से बढ़ी है. और ये सब तब हुआ है जब अमेरिका ने भारतीय झींगा पर 58.26 फीसद टैरिफ लगाया हुआ है. गौरतलब रहे भारतीय सीफूड एक्सपोर्ट में सबसे बड़ा आंकड़ा झींगा का होता है. हालांकि टैरिफ बढ़ने के साथ ही झींगा की डिमांड और रेट दोनों पर असर पड़ा था. लेकिन टैरिफ बढ़ने के बाद आई वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही की रिपोर्ट में सीफूड एक्सपोर्ट के आंकड़े ने उछाल मारी है. 

अमेरिका और चीन झींगा के बड़े खरीदार हैं. इसमे से अमेरिका को झींगा का एक्सपोर्ट जीरो हो गया था. लेकिन अब दूसरे देशों के आने से सीफूड एक्सपोर्ट का आंकड़ा बढ़ रहा है. वहीं फिशरीज एक्सपर्ट का कहना है कि कई और ऐसे देश से झींगा की डिमांड आ रही है जो प्रोटीन की तलाश में बाजार को देख रहे हैं. जिसके चलते झींगा की डिमांड बढ़ रही है. 

पढ़ें क्या कहती है मंत्रालय की रिपोर्ट

  • वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान भारत का सीफूड एक्सपोर्ट 62,408 करोड़ रुपये का हो गया है. 
  • वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान भारत का सीफूड एक्सपोर्ट 60,523.89 करोड़ रुपये था. 
  • सीफूड एक्सपोर्ट में हुई इस बढ़ोतरी को 3.11 फीसद मूल्य के रूप में देखा जा रहा है. 
  • बढ़े हुए अमेरिकी टैरिफ से पहले अप्रैल-अक्टूबर 2024 में सीफूड एक्सपोर्ट मूल्य में 35,107.6 करोड़ रुपये था. 
  • बढ़े हुए अमेरिकी टैरिफ के बाद अप्रैल-अक्टूबर 2025 में सीफूड एक्सपोर्ट मूल्य में 42,322.3 करोड़ रुपये हो गया. 
  • अमेरिकी टैरिफ बढ़ने के बाद सीफूड एक्सपोर्ट में इस बढ़ोतरी को 21 फीसद के रूप में देखा जा रहा है.
  • बढ़े हुए अमेरिकी टैरिफ से पहले अप्रैल-अक्टूबर 2024 में सीफूड एक्सपोर्ट 9.62 लाख टन था. 
  • बढ़े हुए अमेरिकी टैरिफ के बाद अप्रैल-अक्टूबर 2025 में सीफूड एक्सपोर्ट 10.73 लाख टन था. 
  • फ्रोजन झींगा एक्सपोर्ट की बात करें तो मूल्य में 17 फीसद और मात्रा में 6 फीसद की बढ़ोतरी हुई है.
  • सीफूड एक्सपोर्ट में एक्वाकल्चर की मूल्य में 62 फीसद की हिस्सेदारी है. 
  • सीफूड एक्सपोर्ट में भारत उच्च मूल्य वाले प्रोसेस्ड सीफूड के रूप में भी उभर रहा है.
  • सीफूड एक्सपोर्ट में वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट की हिस्सेदारी करीब 11 फीसद है. अगर रुपये में बात करें तो बीते 5 साल में ये आंकड़ा 4863.40 करोड़ रुपये से बढ़कर 7589.93 करोड़ रुपये हो गया है. 

एक्सपोर्ट पर क्या बोला मंत्रालय 

मत्स्य पालन विभाग ने द्विपक्षीय सहयोग को मज़बूत करने, सीफूड व्यापार को बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और वैल्यू-एडेड एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए वैश्विक समकक्षों, विदेशी मिशन और उद्योग हितधारकों के साथ मंत्री और सचिव-स्तर की चर्चाएं की हैं. जिसमें निवेशकों की बैठकें और उच्च-स्तरीय जुड़ाव जैसी पहल शामिल हैं. केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह और पीयूष गोयल ने भारतीय एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए एक स्टेक होल्डर कंसल्टेशन की अध्यक्षता की, जिसमें सीफूड एक्सपोर्ट, मार्केट एक्सेस, वैल्यू चेन को मजबूत करने, गहरे समुद्र में माइनिंग के अवसरों और भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें मत्स्य पालन क्षेत्र पर खास जोर दिया गया.

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