झारखंड के रांची जिले के कुछ हिस्सों में मवेशियों में लम्पी वायरस जैसे लक्षण पाए गए हैं. एक अधिकारी ने रविवार को इसकी जानकारी दी है. हालांकि, अभी जिले में किसी भी जानवर की इसकी वजह से की मौत की सूचना सामने नहीं आई है. अधिकारी ने बताया कि पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान (IAHP) की एक टीम सैंपल लेने के लिए प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगी. जिला पशुपालन अधिकारी (DAHO) कविंद्र नाथ सिंह ने बताया कि जिले के विभिन्न इलाकों से लम्पी वायरस जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं. लेकिन स्थिति गंभीर नहीं है क्योंकि लक्षणों का इलाज सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है.
जिला पशुपालन अधिकारी ने कहा कि इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए जिले में मवेशियों के लिए टीकाकरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है. बता दें कि लम्पी त्वचा रोग मवेशियों में मच्छरों, मक्खियों, जूंओं और ततैयों के काटने के साथ-साथ दूषित भोजन और पानी के माध्यम से फैलता है. इस बीमारी से जानवरों को बुखार और त्वचा पर गांठें पड़ जाती हैं और यह जानलेवा भी हो सकती है. सिंह ने कहा कि लक्षण सबसे पहले चान्हो और अनगढ़ा क्षेत्रों से सामने आए थे, जहां अब स्थिति नियंत्रण में है. जिला पशुपालन अधिकारी ने आगे बताया कि शहर के मोराबादी और बरियातू जैसे इलाकों से भी इस बीमारी की खबरें मिली हैं. चिकित्सा दल इन इलाकों का दौरा कर चुके हैं और इलाज शुरू कर दिया गया है.
पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान (IAHP) के निदेशक सनत कुमार पंडित ने कहा कि उन्हें अभी तक किसी भी जिले से बीमारी फैलने की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है. उन्होंने कहा कि रांची से मिली रिपोर्टों का संज्ञान लेते हुए, हमने अगले सप्ताह नमूने एकत्र करने के लिए अपनी टीम भेजने का फैसला किया है. इन्हें पुष्टि के लिए आईसीएआर - राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान (NIHSAD), भोपाल भेजा जाएगा.
ये एक संक्रामक बीमारी है जो पशुओं को, खास तौर पर गाय को होती है. बरसात के मौसम लम्पी वायरस गायों पर अटैक करता है. ये बीमारी दूसरे देशों से आई है, लेकिन अब देशभर के पशुओं तक फैल चुकी है. जो शरीर से कमजोर गाय हैं, उन्हें ये जल्दी लगती है. हालांकि वैक्सीन से कुछ हद तक लंपी पर काबू पाया गया है.
(सोर्स- PTI)
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