सरसों में माहु को लेकर किसान रहे सतर्क मौसम में हो रहे लगातार परिवर्तन से सबसे ज्यादा किसान चिंतित है. मौसम विज्ञान विभाग नई दिल्ली की तरफ से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 15 फरवरी से लेकर 19 फरवरी तक मौसम शुष्क रहेगा. वहीं इस दौरान बारिश होने की संभावना नहीं है. इस दौरान अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेंटीग्रेड से लेकर 30 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा. वहीं न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से लेकर 14 डिग्री तक रहने का अनुमान है. वहीं पूर्वी दिशा की हवाएं 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी. ऐसे में बढ़ते हुए तापमान को देखते हुए किसानों के लिए भी मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी की है, जिसमें सब्जी की खेती करने वाले किसानों को पौधशाला की रोपाई करने की सलाह दी है. आइए जानते हैं कि अन्य फसलों के लिए मौसम विभाग ने क्या सलाह दी है.
मध्य प्रदेश और पंजाब में गेहूं की फसल अब तैयार होने के पास है. वहीं मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए किसानों को 60 से 65 दिन के बाद गेहूं गांठ बनने की अवस्था पर तीसरी सिंचाई और 80 से 50 दिन बाद चौथी सिंचाई करनी चाहिए. समय से सिंचाई न करने पर गेहूं की उत्पादकता पर असर पड़ सकता है. मौसम के बढ़ते तापमान को देखते हुए किसानों को सिंचाई का ध्यान रखना होगा.
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कृषि वैज्ञानिकों के द्वारा चने की खेती करने वाले किसानों को फली छेदक कीट के प्रकोप को पहचानने और इसकी रोकथाम की भी सलाह दी गई है. चने के खेत में अगर चिड़िया बैठ रही हो तो किसानों को समझ लेना चाहिए कि फली छेदक कीट का प्रकोप हो चुका है. इसकी रोकथाम के लिए चने की फसल में फिरोमोन ट्रैप का तीन से चार प्रति एकड़ लगाएं. जबकि मूंग की खेती करने वाले किसानों को मार्च में बुवाई कर दें और उन्नत बीजों का संग्रह करें.
सरसों की अगेती फसल अब लगभग तैयार है. वही उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तो अब सरसों और तोरिया की तैयार फसल को किसानों के द्वारा काटा भी जा रहा है. वहीं जिन किसानों ने सरसों की अगेति खेती की है उनके खेत में माहु कीट लगने की संभावना है. अतः किसानों को कृषि वैज्ञानिकों के द्वारा सलाह दी गई है कि अपने खेतों की निगरानी करते रहे. ऐसे में पीला ट्रैप का प्रयोग करें.
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