पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का अलर्टएक तीव्र पश्चिमी विक्षोभ के कारण, 22 और 23 जनवरी को पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने जानकारी दी है. उत्तर भारत में आज (गुरुवार) से फिर मौसम में बदलाव दिखाई देगा. आज से मजबूत वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो रहा है. इसके चलते गुरुवार से हिमालयी इलाकों में बारिश और बर्फबारी होगी जबकि तेज जनवरी के बाद मैदानी इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है. यानी अगले 24 घंटे में तापमान एक बार फिर नीचे गिरना शुरू हो जाएगा और कड़ाके की ठंड परेशानी बन सकती है.
तीन पश्चिमी विक्षोभ एक के बाद एक लगातार सक्रिय हो रहे हैं जिसके चलते हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर के लगभग सारे ही पहाड़ी इलाकों में मध्यम से भारी बर्फबारी की संभावना जताई गई है. अब तक हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बेहद कम बर्फबारी हुई है लेकिन अगले तीन पश्चिमी विक्षोभ से बारिश और बर्फबारी की प्रबल संभावना बनी हुई है.
मौसम विभाग ने 23 जनवरी को उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की है. अलर्ट के अनुसार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, अल्मोड़ा और नैनीताल के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. चेतावनी को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं.
मौसम की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर, आपदा प्रबंधन और पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने बुधवार को सभी संबंधित जिलों के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की. बैठक के दौरान संभावित बारिश, बर्फबारी, पाला, शीतलहर और उनसे पैदा होने वाली स्थितियों के मद्देनजर जिला स्तर पर तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई. अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
सचिव सुमन ने सभी जिलों को खराब मौसम के दौरान अत्यधिक सावधानी बरतने और सभी कार्यकारी एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखने का निर्देश दिया. पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, बिजली, पेयजल, पशुपालन और शहरी स्थानीय निकायों सहित विभागों को पूरी तरह से तैयार रहने के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए. गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, उन्होंने निर्देश दिया कि संवेदनशील, दूरदराज और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सुरक्षित प्रसव के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं. यदि जरूर हो, तो गर्भवती महिलाओं को समय पर निकटतम स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जानी चाहिए और एंबुलेंस सेवाएं पूरी तरह से चालू रहनी चाहिए.
हिमाचल प्रदेश में 22 से 24 जनवरी तक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है. जिसके चलते पूरे प्रदेश बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान लगाया गया है. मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 23 जनवरी को राज्य के कई हिस्सों में भारी बर्फबारी, बारिश, अंधड़ और बिजली गिरने को लेकर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. 23 जनवरी को तीन जिलों कुल्लू, चंबा, लाहौल स्पीति के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी होगी जबकि तीन मैदानी जिलों ऊना, कांगड़ा और बिलासपुर में भारी बारिश की संभावना है जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है.
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार ने बताया कि 22 जनवरी से हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा. जिसका 23 जनवरी को पूरे प्रदेश में असर देखने को मिलेगा और 24 जनवरी दोपहर तक बारिश और बर्फबारी होगी. हिमाचल प्रदेश में इससे बीते कई हफ्तों से चले आ रहे ड्राई स्पेल के टूटने का अनुमान है. मौसम में बदलाव से तापमानों में भी 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट देखने को मिलेगी जिससे ठंड बढ़ेगी.
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