
पिछले चार दिनों से लगातार उमस और गर्मी से शहरवासियों का हाल बेहाल उत्तर प्रदेश में धीरे-धीरे मौसम करवट बदल रहा है. फिलहाल पिछले चार दिनों से राजधानी लखनऊ में बारिश नहीं हुई है. सिर्फ बादलों की आवाजाही हो रही है.इस वजह से पिछले चार दिनों से लगातार उमस और गर्मी से शहरवासियों का हाल बेहाल था. मौसम विभाग के अनुसार, आगमी 3 दिनों तक पश्चिमी व पूर्वी यूपी में सिर्फ कुछ जगह पर ही बारिश होने की संभावना है.
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्से की ओर बढ़ गई मानसून ट्रफ के कारण प्रदेश में बारिश का दौर थम गया है.

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, उड़ीसा तट पर बने कम दबाव क्षेत्र के प्रभाव से मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर खिसक गया है. मानसून के रास्ता बदल लेने से मौसम ये बदलाव हुआ है. हालांकि यह बदलाव कुछ दिन ही रहेगा. 23 जुलाई से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून फिर से सक्रिय होगा.
मौसम विभाग की मानें तो प्रदेश में 20 जुलाई को पश्चिमी यूपी में एक दो जगह पर गरज चमक के साथ बारिश व बौछार पड़ने की संभावना है, इसी तरह पूर्वी यूपी में भी एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ बारिश हो सकती है. ऐसे ही 21 जुलाई को पश्चिमी व पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक दो जगहों पर गरज चमक के साथ बरसात या बौछारें पड़ने की संभावना है.
लखनऊ मौसम केंद्र की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, मथुरा, हाथरस, आगरा, अलीगढ़, सहारनपुर, एटा और फिरोजाबाद के आसपास जिलों में हल्की चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई है.
लखनऊ मौसम केंद्र की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इन दिनों बारिश भले ही कम हो रही हो, लेकिन बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं की वजह से ज्यादातर प्रदेश के जिलों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक ही बना हुआ है. इसके ऊपर फिलहाल किसी भी जिले का तापमान नहीं जा रहा है.
यूपी के गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, जिलों में घाघरा सरयू और राप्ती नदी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए. इन जिलों में औसत से कम बरसात होने के बाद भी सरयू और घाघरा नदी उफान पर है.
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मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में भयंकर बारिश का येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सलाह दिया है कि बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर खासतौर से पक्के मकानों में आश्रय ले. जर्जर मकानों में ना रहे. बारिश के दौरान पेड़ के नीचे बिजली के तार खंभों ऊंचे स्थान पर ना रहे. चार पहिया वाहन से यात्रा कर रहे हैं तो खुले आसमान के नीचे रुक जाएं.
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