खेड़ा में झमाझम बारिशगुजरात के खेड़ा और आणंद जिलों में लंबे इंतजार के बाद हुई मूसलाधार बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. करीब 30 से 40 दिनों से बारिश का इंतजार कर रही फसलों को पानी मिलने से अन्नदाताओं की चिंता कम हुई है. हालांकि, भारी बारिश के चलते आणंद के बोरसद में कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया है. तालाबों के ओवरफ्लो होने से गांवों में पानी घुस गया और कई रास्ते बंद हो गए, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
आणंद जिले के बोरसद में सोमवार सुबह से तेज बारिश का दौर जारी रहा. दोपहर तक यहां करीब 5 से 6 इंच बारिश दर्ज की गई. वहीं, धान की खेती के लिए मशहूर तारापुर में महज पांच घंटे में 3 इंच से ज्यादा बारिश हुई. लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण सूखने की कगार पर पहुंच चुकी धान की फसल को इस बारिश से बड़ी राहत मिली है. कपास, मूंगफली, धान, बाजरा और तंबाकू जैसी फसलों के लिए भी यह बारिश अहम मानी जा रही है.
तारापुर-सोजित्रा, तारापुर-धर्मज और तारापुर-बगोदरा मार्ग समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी जोरदार बारिश हुई. बारिश से तापमान में गिरावट आई और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली. हालांकि, वासना बैराज से साबरमती नदी में पानी छोड़े जाने के बाद तारापुर तालुका के नदी किनारे बसे गांवों को सतर्क किया गया है. जिला कलेक्टर के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है.
बोरसद के व्हेरा गांव में भारी बारिश के बाद राम तालाब और सलुण तालावड़ी ओवरफ्लो हो गए. तालाबों का पानी गांव के रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया. मुख्य प्रवेश मार्ग से डेयरी चौक तक घुटनों तक पानी भर गया, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई. व्हेरा-देदरड़ा मार्ग पानी भरने के कारण बंद हो गया, जबकि व्हेरा-पेटलाद मार्ग पर भी जलभराव से आवागमन प्रभावित रहा.
पानी के बीच से गुजरने की कोशिश में कई वाहन बंद हो गए. स्थानीय लोगों ने बंद पड़े वाहनों को धक्का देकर पानी से बाहर निकाला. गांव की इंदिरानगरी में तालाब का पानी 20 से ज्यादा मकानों में घुस गया. घरों में रखा घरेलू सामान और अनाज बचाने के लिए लोगों ने उन्हें खाट और पलंगों पर रख दिया.
डेयरी चौक की पांच से ज्यादा दुकानों में भी पानी घुसने से दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ा. व्हेरा हाईस्कूल परिसर में भी जलभराव हुआ. हालांकि, गणेश चतुर्थी की छुट्टी होने के कारण विद्यार्थियों को परेशानी नहीं हुई. लगातार बारिश और ऊपरी इलाकों से पानी आने के चलते गांव में जलभराव की स्थिति बनी हुई है.
खेड़ा जिले के नडियाद, कपड़वंज, कठलाल और फागवेल समेत कई इलाकों में तेज हवाओं और बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बारिश हुई. जिले में मातर में करीब 3 इंच, नडियाद में साढ़े 3 इंच, वसो में पौने 2 इंच और खेड़ा व गलतेश्वर में करीब 1-1 इंच बारिश दर्ज की गई. लंबे सूखे के बाद हुई बारिश से किसानों को राहत मिली है, लेकिन बोरसद और आसपास के इलाकों में जलभराव ने जलनिकासी व्यवस्था और प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी कर दी है. (हेताली शाह की रिपोर्ट)
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