कई राज्यों में लू का अलर्ट (फाइल फोटो)देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए लू (हीटवेव) और उमस भरे मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में तापमान सामान्य से 8-10 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रह सकता है. वहीं, सौराष्ट्र और कच्छ में 10 मार्च तक अलग-अलग जगहों पर लू चलने की संभावना है. इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में 7 मार्च को और पश्चिमी राजस्थान में 9 और 10 मार्च को भी लू चलने की आशंका है.
मौसम विभाग ने कुछ तटीय और पूर्वी राज्यों के लिए गर्म और उमस भरे मौसम की चेतावनी दी है. ओडिशा में 7 मार्च को, कोंकण क्षेत्र में 8 और 9 मार्च को, उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और गुजरात के तटीय इलाकों में 7 मार्च को उमस भरा मौसम रहने की संभावना है. इसके साथ ही ओडिशा में 7 से 9 मार्च के बीच गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.
7 मार्च को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में मौसम बदलने के संकेत हैं. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 7 से 12 मार्च के दौरान हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है. इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ का असर बना रहेगा.
पूर्वी भारत के कुछ राज्यों में भी मौसम सक्रिय रहेगा. ओडिशा में 7 मार्च को गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. वहीं झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में आने वाले दिनों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है.
मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 8 से 12 मार्च के बीच गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना जताई है.
दिल्ली और आसपास के इलाकों में फिलहाल मौसम साफ बना रहेगा. बीते दिन अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी ज्यादा है. वहीं न्यूनतम तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा. मौसम विभाग के अनुसार, 9 मार्च तक दिल्ली-एनसीआर में आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा.
इस दौरान अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. इस दौरान तापमान सामान्य से ऊपर बना रहेगा और दोपहर के समय हल्की से मध्यम गति की हवाएं चल सकती हैं.
IMD के मुताबिक, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना रहेगा. हालांकि, अगले एक सप्ताह में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है.
उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अगले पांच दिनों तक तापमान में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन इसके बाद लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है. वहीं, मध्य भारत में अगले दो दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है.
महाराष्ट्र और गुजरात में भी अगले सात दिनों में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने का अनुमान है, जबकि पूर्वोत्तर भारत में तीन दिनों तक तापमान लगभग स्थिर रहेगा और उसके बाद हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है.
मौसम विभाग ने बढ़ते तापमान को देखते हुए किसानों को कई सावधानियां बरतने की सलाह दी है. उत्तर भारत के कई राज्यों में गेहूं, सरसों और चना जैसी फसलों में हल्की और बार-बार सिंचाई करने की सलाह दी गई है, ताकि गर्मी के असर को कम किया जा सके. राजस्थान और गुजरात में जीरा और इसबगोल की फसलों में भी सुरक्षात्मक सिंचाई करने की जरूरत बताई गई है.
वहीं, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में गेहूं तथा चना की फसलों में महत्वपूर्ण वृद्धि चरण के दौरान हल्की सिंचाई करने की सलाह दी गई है. इसके अलावा महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में आम की फसल को तेज धूप से बचाने के लिए समय-समय पर सिंचाई करने और फलों को पेपर बैग से ढकने की सलाह दी गई है.
पशुपालकों को भी गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है. जानवरों को साफ और पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी उपलब्ध कराने और पोल्ट्री शेड की छत को घास से ढकने जैसे उपाय करने की सलाह दी गई है, ताकि तापमान के प्रभाव को कम किया जा सके.
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