हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में बारिश और तूफान की आशंका (सांकेतिक तस्वीर)हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में आंधी-तूफान और बिजली कड़कने का येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने इसके लिए चेतावनी जारी की है. पूरे राज्य में छिटपुट जगहों पर तूफान और बिजली कड़कने की घटनाएं दर्ज की जा सकती हैं. मौसम विभाग ने कहा है कि बुधवार से लेकर शनिवार तक बारिश जारी रहने का अनुमान है. विभाग के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में बुधवार से बारिश का दौर शुरू हो सकता है जो शनिवार तक चलेगा. मौसम विभाग (MeT) ने कहा है कि प्रदेश के निचले और मध्यम पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश के अलावा बर्फबारी भी दर्ज की जा सकती है.
मौसम विभाग ने खड़ी फसलों, फल देने वाले पौधों और नए अंकुरित फसलों के नुकसान की आशंका जताते हुए किसानों को पर्याप्त व्यवस्था करने और कीटनाशकों के छिड़काव को फिर से शुरू करने की सलाह दी है. मंगलवार को प्रदेश के न्यूनतम और अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव दर्ज नहीं किया गया. आईएमडी के आंकड़ों से पता चलता है कि लाहौल और स्पीति जिले का केलांग रात में सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
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मौसम विभाग ने कहा है कि एक मार्च से 16 मई तक प्री-मॉनसून सीज़न के दौरान, हिमाचल प्रदेश में सामान्य 214 मिमी के मुकाबले 223.4 मिमी बारिश हुई, जो चार प्रतिशत अधिक थी. हाल के दिनों में हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश दर्ज की गई है जिनमें शिमला और मंडी के नाम प्रमुख है. प्रदेश में कई जगहों पर बेमौसमी बारिश देखी जा रही है जिससे फसलों का भारी नुकसान हो रहा है.
बेमौसमी बारिश की मार से इस बार निचले हिमाचल के किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं. गेहूं की पैदावार घटने से किसान चिंता में हैं. बता दें कि जिला हमीरपुर में 30 हजार हेक्टेयर जमीन में गेहूं उत्पादन किया जाता है. लेकिन इस बार गेहूं फसल का मात्र 25 प्रतिशत तक ही उत्पादन हो पाया है. बेमौसमी बारिश होने से पिछले बीस साल बाद इस तरह किसानों को गेहूं की फसल का उत्पादन गिरने की समस्या झेलनी पड़ रही है. वहीं पशुओं के लिए चारा भी काला होने से पशुपालक चिंता से जूझ रहे हैं.
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दूसरी ओर, इस बार मॉनसून भी देर से आने की संभावना जताई जा रही है. केरल में मॉनसून आने की तारीख एक जून है, लेकिन इस बार इसके जार जून को पहुंचने की संभावना है. इस बीच मॉनसून के दौरान ही अल नीनो का असर दिखने की आशंका है. अगर ऐसा होता है तो बारिश कम होने और सूखा पड़ने की आशंका प्रबल हो जाएगी.
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